आईआईटी-जेईई (एडवांस) की परीक्षा में राजस्थान के चित्रांग मुर्डिया ने टॉप किया है। चित्रांग ने 360 में से 334 अंक हासिल कर यह सफलता हासिल की है। इस परिणाम में 27,151 छात्रों ने सफलता हासिल की।
25 मई, 2014 को हुई इस परीक्षा में देशभर के 1,26,997 प्रतिभागी शामिल हुए थे। चित्रांग ने डीपीएस उदयपुर से स्कूली शिक्षा ली और बारहवीं में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।
उदयपुर के रहने वाले चितरांग के पिता मनीष बिजनेसमैन हैं तथा मां सोनाली हाउस वाइफ हैं।
13-14 घंटे पढ़ते थे चित्रांग
उन्होंने बताया कि वे इस परीक्षा के लिए एक दिन में 13 से 14 घंटे पढ़ते थे। पेश है अमर उजाला से चित्रांग मुर्डिया की बातचीत के मुख्य अंश...
सवाल- आप कौन से संस्थान को वरीयता देंगे? कौन से ब्रांच में प्रवेश लेना चाहेंगे?
जवाब- मैं आईआईटी मुंबई में प्रवेश लेना चाहता हूं और कंप्यूटर साइंस या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में से कोई एक ब्रांच चुनूंगा। साथ-साथ मैं अपनी रुचि के अनुसार शोध कार्य भी करता रहूंगा। मेरा प्रयास रहेगा कि मैं अपनी सफलता को निरंतर रख सकूं।
मां-बाप को दिया चित्रांग ने श्रेय
सवाल- आईआईटी-जेईई की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को आप सफलता का कौन सा मंत्र देना चाहेंगे?
जवाब- मैंने एक ही सूत्र आजमाया है, जिससे बड़ी सफलता हाथ लगी है और यही सूत्र मैं अन्य विद्यार्थियों को भी दूंगा कि परिणाम की चिंता को छोड़ पूरी रुचि और एकाग्रता के साथ पढ़ाई करें। पढ़ाई ज्ञान के लिए करें, परिणाम का तनाव नहीं लें। अपना तनाव कम करने के लिए माता-पिता से बातचीत भी करते रहें।
सवाल- इस बेहतरीन सफलता का श्रेय आप किसे देते हैं।
जवाब- मैं इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दूंगा, जिनके मार्गदर्शन से मैंने सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया है। मेरे पिताजी ने हमेशा मेरी रुचि के अनुसार ही पढ़ने दिया।