बीकानेर जिले में दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन सोमवार को पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत की। इस दौरान राजे ने सामाजिक स्तर पर हुए बदलाव, महिलाओं की जिम्मेदारियों, सोशल मीडिया के प्रयोग और उसके दायरे को लेकर चर्चा की।
वसुंधरा राजे ने बच्चों के मोबाइल के उपयोग और दुरुपयोग को लेकर अभिभावकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी। वसुंधरा ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, अभिभावक की बच्चों के प्रति बड़ी जिम्मेदारी है, जिसका उनको निर्वहन करना चाहिए।
राजे ने कहा, बच्चों को लेकर अभिभावक भी अपनी जिम्मेदारी समझें। राजे ने अपने बेटे सांसद दुष्यंत सिंह से जुड़ा एक किस्सा सुनाते हुए कहा, बचपन में वह दोस्तों के साथ सचिओल या बाजार जाते और मैं उन्हें केवल 50 रुपये देती थी। जबकि उनका ऐसा मानना था कि मैं उन्हें बहुत कुछ दे सकती हूं, लेकिन सिर्फ 50 रुपये ही देती थी।
इस बात को लेकर उनके दोस्त भी उनसे कहते थे। दुष्यंत वापस मुझसे जब भी सवाल करते तो मैं सिर्फ उन्हें इतना ही कहती कि दुकान पर जाकर 50 रुपये में जो सामान मिलता है, उसे खरीदो और उससे ही अपनी प्राथमिकता तय करो कि तुम्हें क्या खरीदना है और क्या नहीं। उन्होंने कहा, मैं अब भी दुष्यंत सिंह से यही कहती हूं कि जो मैंने तुम्हें सिखाया, वह तुम भी अपने बच्चों को सिखाओ। हालांकि दुष्यंत इस बात पर कहते हैं कि अब समय बदल गया है, लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि अभिभावकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
सर्किट हाउस में आमजन से मुलाकात के बाद राजे पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी के आवास पहुंचीं। इसके बाद बीकानेर सरेह नथानिया गोचर में देवी सिंह भाटी की ओर से बनाई जा रही चारदीवारी और गोचर संरक्षण को लेकर किए जा रहे काम को देखा। इसके बाद वह पूर्व विधायक दिवंगत गोपाल जोशी के परिवारजनों से मिलीं और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।