मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महिला सुरक्षा सखी पहचान बैज का लोकार्पण किया। सीएम गहलोत इस कार्यक्रम में वीसी के जरिए जुड़े। इस दौरान उन्होंने महिला सुरक्षा सखी से संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री निवास से सीएम गहलोत वीसी के माध्यम से महिला सुरक्षा सखी मार्गदर्शिका और संदर्शिका का विमोचन कार्यक्रम में जुड़े। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज ‘महिला सुरक्षा सखी' से संवाद किया। इस दौरान सीएम गहलोत ने भरतपुर की मंजू से भी बातचीत की। इस दौरान मंजू ने कहा कि बच्चियां स्कूल ग्रुप में जाएं, जिससे जरूरत पड़े तो मनचलों के चांटा लगा सकें। इस पर सीएम गहलोत ने कहा कि चांटा भी जोर से मारना है कि पता लगना चाहिए। सीएम का यह अंदाज देकर सभी को हंसी आ गई।
क्या है महिला सुरक्षा सखी
महिलाओं और लड़कियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरुक करने के सुरक्षा सखी योजना शुरू की गई है। इसके तहत महिलाओँ, लड़कियों की सुरक्षा, उन्हें उनके अधिकारों और कानून के प्रति जागरुक किया जाएगा। इसके लिए एक समूह गठित किया जाएगा, जो स्थानीय पुलिस से संवाद स्थापित करेंगी। इस समूह में कोई भी इच्छुक महिला और लड़की शामिल हो सकती है। योजना के तहत सभी पुलिस थानों में सुरक्षा सखी समूह गठित किए जा रहे हैं।