जैसलमेर में चंद्रग्रहण के सूतक काल के कारण भारत-पाक बॉर्डर पर स्थित तनोट माता मंदिर के साथ-साथ सभी मंदिरों के पट बंद रहेंगे। श्रद्धालु रविवार सुबह तक तनोट माता के दर्शन नहीं कर पाएंगे।
तनोट माता मंदिर के पुजारी कुन्दन मिश्रा ने बताया कि सूतक के चलते शनिवार शाम चार बजे से मंदिर के कपाट बंद हो जाएंगे, जो रविवार सुबह ही खुल पाएंगे। चंद्रग्रहण शनिवार रात 1.05 बजे पर शुरू होगा और दो बजकर 24 मिनट पर खत्म होगा। चंद्रग्रहण का सूतक काल नौ घंटे पहले शुरू हो जाएगा, इसलिए मंदिरों के पट शाम को चार बजे से ही बंद कर दिए जाएंगे।
रविवार सुबह से होंगे दर्शन
तनोट माता मंदिर के पुजारी कुन्दन मिश्रा ने बताया कि शनिवार को दोपहर चार बजे मंदिर बंद कर दिया जाएगा। अगले दिन यह पट सुबह खुलेगा। मंदिर में रविवार सुबह से विधिवत पूजा अर्चना आदि का काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भक्तों के लिए लगभग 13 घंटे तक मंदिर को बंद रखा जाएगा। चंद्रग्रहण में नौ घंटे पहले सूतक लग जाता है, इसलिए मंदिर शाम को नहीं खुलेगा। शहर के अन्य मंदिर भी चंद्रग्रहण के सूतक काल के दौरान बंद रहेंगे।
शनिवार को खंडग्रास चंद्रग्रहण होगा
जैसलमेर के ज्योतिषाचार्य उमेश आचार्य ने बताया कि खंडग्रास चंद्र ग्रहण अश्विनी नक्षत्र एवं मेष राशि पर होगा। खंडग्रास चंद्रग्रहण का सूतक शनिवार को दोपहर चार बजकर पांच मिनट से शुरू हो जाएगा, उन्होंने बताया कि भारतीय मानक समयानुसार शनिवार को खंडग्रास चंद्रग्रहण का स्पर्श रात्रि एक बजकर पांच मिनट पर तथा ग्रहण मोक्ष रात्रि दो बजकर 22 मिनट पर होगा।
खंडग्रास चंद्रग्रहण का कुल पर्व काल एक घंटा 17 मिनट होगा। चंद्रग्रहण मिथुन, मकर व कुंभ राशि के लिए शुभ, कर्क, सिंह, तुला, वृश्चिक, धनु व मीन राशि के लिए मध्यम और मेष, वृष व कन्या राशि के लिए विपरीत असर एवं अशुभ रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि चंद्रग्रहण अवधि में अन्न, वस्त्र व धन का दान तथा प्रभु स्मरण व ध्यान विशेष फलदायक रहेगा।