भारी दवाब के चलते राजस्थान सरकार ने फैसला लिया है कि बाबू लाल नागर दुष्कर्म मामले की जांच सीबीआई करेगी।
सरकारी आवास पर विवाहिता से दुष्कर्म मामले में राजस्थान सरकार के पूर्व खादी राज्य मंत्री के खिलाफ अब जांच सीबीआई करेगी। भारी दबाव के चलते राजस्थान सरकार ने शनिवार को यह फैसला करना पड़ा।
मामला सीबीआई को सौंपने के लिए सरकार पर विपक्ष ने ही नहीं, खुद की पार्टी के भी विधायकों ने दबाव बनाकर रखा था।
नजदीक आ रहे विधानसभा चुनाव में सरकार को जाट समाज की नाराजगी का खमियाजा उठाने का भी डर सताए हुए था। सीबीआई से स्वीकृति आने और उसके द्वारा जांच शुरू करने की औपचारिकताओं के चलते नागर की गिरफ्तारी फिलहाल टल गई है।
मामले की जांच में जुटी सीआईडी सीबी ने अब इस मामले की जांच रोककर सभी पत्रावलियां सीबीआई को सौंपने की तैयारी कर ली है।
जाट समाज की बेरुखी का डर
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के काफी नजदीक माने जानेवाले बाबू लाल नागर के इस मामले में फंसते ही जांच प्रभावित करने की आशंका जाहिर की जा रही थी और मामला सीबीआई को सौंपने का दबाव बनाया जा रहा था।
चर्चित भंवरी देवी यौन शोषण, अपहरण व हत्या के आरोप में फंसे पूर्व जल संसाधन मंत्री महिपाल मदेरणा के परिजनों ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाए थे, कि उनके मामले में सरकार ने तुरंत मामला सीबीआई को सौंपा था।
मदेरणा परिवार का राजस्थान में जाट समाज पर खासा प्रभाव है। इस परिवार द्वारा सरकार पर भेदभाव के आरोप लगाने से राजस्थान के पूरे जाट समाज की बेरुखी का डर भी सता रहा था।
इस समाज के कांग्रेस के विधायक कर्नल सोनाराम सहित अन्य ने अपनी ही सरकार को घेरा हुआ था।
45 मिनट के बयान 4 पन्नों में दर्ज
नागर पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़िता को सीआईडी-सीबी की ओर से मजिस्ट्रेट द्वारा दिए समय पर शनिवार को मिनी सचिवालय लाया गया और मजिस्ट्रेट के सामने धारा 164 के बयान दर्ज करवाए गए।
मामला सीबीआई को देने के निर्णय से पहले पीड़िता के धारा 164 के बयान दर्ज हो चुके थे। बंद कमरे में मजिस्ट्रेट के सामने हुए करीब 45 मिनट तक बयान हुए, जिसमें घटना क्रम और नागर पर आरोप लगाए गए। ये बयान चार पन्नों में दर्ज हुए।
नागर के बेडरूम से चेन मिली
सूत्रों ने बताया कि सीआईडी-सीबी द्वारा नागर के सरकारी बंगले के संबंधित बैड रूम से पीड़िता की चेन बरामद की गई है। हालांकि आधिकारिक रूप से अधिकारी इस बात की पुष्टि करने से बचते रहे। पीड़िता का कहना है कि खुद नागर ने उनकी चेन उतारी थी, जो वहीं छूट गई थी।