अफ्रीकी देश मोजम्बिक की 18 वर्षीय फ्लोरेन्सिया कास्टीगो अब जयपुर के पैर से बिना सहारे अपने देश पहुंचेगी। कास्टीगो का दो वर्ष पूर्व जमीनी बारूद के विस्फोट से दायां पैर नहीं रहा था।
मोजम्बिक में 1964 में गृह युद्व के दौरान कई स्थानों पर जमीनी बारूद (लैण्डमाइन) बिछाए गए थे, जो अब तक जमीन के अन्दर हैं। कई जमीनी बारूद आज भी वहां फट रहे हैं।
गरीबी के कारण कास्टीगो कृत्रिम पैर से वंचित रही।
जयपुर फुट निर्माता संस्था भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति (बीएमवीएसएस) ने मुफ्त कृत्रिम पैर लगाकर चलने फिरने योग्य बना दिया। उसे दो जयपुर फुट भेंट भी किए गए।