राजस्थान के जयपुर में एक पालतू कुत्ते की मौत का ऐसा मामला सामने आया है जिसमें उसके मालिक के खिलाफ तो मुकदमा हुआ ही पुलिस ने भी कार्रवाई के मामले में ऐसी तेजी दिखाई की हर कोई हैरत में है। कुत्ते की मौत पर जानवरों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया।
जयपुर में पुलिस ने एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने पालतू कुत्ते की ढंग से देखभाल नहीं की जिससे उसकी मौत हो गई। इसी आरोप में पुलिस ने मालिक के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के अनुसार मुकदमा दर्ज किया गया है।
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार पुलिस आरोपी व्यक्ति के खिलाफ चार्जशीट दायर करने की तैयारी में है। बता दें कि बीते 28 अगस्त को पशुओं के अधिकारों के लिए लड़ने वाले कार्यकर्ताओं ने कुत्ते के मालिक किशन के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
जयपुर के जोरावर सिंह गेट निवासी किशन ने छह दिन पहले एक छोटे कुत्ते को 4 हजार रुपये में खरीदा था। बताते हैं कि उस समय कुत्ता संक्रमण पीड़ित था।
बीमार कुत्ते का ढंग से इलाज न कराने का आरोप
जयपुर फेडरेशन ऑफ एनिमल प्रोटेक्शन आर्गनाइजेशन के रोहित गंगवाल ने बताया कि 27 अगस्त को किशन ने एक एनजीओ से कुत्ते के इलाज संबंधी जानकारी ली थी। जिसमें उसकी जान बचाने के लिए तुरंत सर्जरी की सलाह दी गई थी।
उस समय किशन ने अन्य पशु चिकित्सकों से सलाह लेने की बात कहकर इलाज कराने से इंकार कर दिया था। बाद में पशु चिकित्सकों ने किशन के कुत्ते के मुंह से कीडों को हटा दिया था। लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
रोहित के अनुसार हमें किशन पर संदेह था कि वह अपने कुत्ते का ठीक ढंग से इलाज नहीं करवाएगा इसलिए हमने उस पर निगाह रखनी शुरू कर दी, लेकिन उसने अपना फोन बंद कर दिया।
जब हम उसके घर पहुंचे तो हमें पता चला कि उसके कुत्ते की मौत हो चुकी है और वो उसे फेंकने के लिए गल्ता गेट एरिया में गया है। वहीं उसका पीछा करते करते जेएफएपीओ के कार्यकर्ता उस जगह पहुंच गए जहां किशन ने कुत्ते को दफन किया था।
पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने खोला मोर्चा
अगले दिन 28 अगस्त को पशु अधिकार कार्यकर्ता सुभाष चौक पुलिस थाने पहुंचे और किशन के खिलाफ शिकायत कर दी। थाना इंचार्ज दिनेश राजौरा ने बताया कि हमने मामले में जांच के बाद किशन के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
हम जल्द ही मामले में चार्जशीट दाखिल कर देंगे। पीपल फॉर एनिमल की शैली धीमान के अनुसार किशन ने कुत्ते को प्रजनन करवाने के लिए खरीदा था लेकिन उसे समय से उपचार नहीं दिया। अगर उसकी देखभाल की जाती तो उसे मरने से बचाया जा सकता था।
वहीं आरोपी कुत्ता मालिक किशन का कहना है कि कुत्ता बेचने वाले ने ही उसके साथ बेईमानी की और उसे एक बीमार कुत्ता दे दिया। कुत्ते को लेने के बाद मैं उसे जगतपुरा के पशु चिकित्सालय में लेकर पहुंचा था और उसका इलाज भी कराया।
किशन के अनुसार चिकित्सकों ने उसे इच्छामृत्यु देने की बात कही थी जिसे मैने नकार दिया। घर आने के कुछ घंटों बाद ही उसकी मौत हो गई थी।