अस्पताल में हंगामा करते परिजन और व्यापारी
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जिला अस्पताल में एक व्यापारी की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। इंदिरा मार्केट के व्यापारी अशोक गुप्ता की मौत के बाद परिजनों और व्यापारियों ने अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए ट्रॉमा वार्ड के बाहर धरना दे दिया। करीब पांच घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने नारेबाजी करते हुए जिम्मेदार चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
परिजनों और व्यापारियों का आरोप है कि अशोक गुप्ता को सीने में दर्द की शिकायत के बाद सामान्य हालत में जिला अस्पताल लाया गया था। परिजनों के मुताबिक अस्पताल पहुंचने के दौरान वे बातचीत कर रहे थे लेकिन आरोप है कि उन्हें तत्काल उपचार नहीं मिला। परिजनों का दावा है कि मरीज को कभी आयुष तो कभी मेडिकल वार्ड भेजा गया और करीब दो घंटे तक उपचार में देरी हुई। परिजनों का यह भी आरोप है कि मरीज की हालत बिगड़ने के बाद भी उसे तत्काल उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। व्यापारी की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में व्यापारी और परिजन जिला अस्पताल पहुंच गए। देखते ही देखते ट्रॉमा वार्ड के बाहर भीड़ जमा हो गई और अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों ने मौके पर मौजूद चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। तहसीलदार जतिन दिनकर भी पुलिस के साथ अस्पताल पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की। स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से लक्ष्मीकांत मीणा को भी मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों ने परिजनों और व्यापारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। इस दौरान परिजन डॉक्टर को निलंबित करने और उनके द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। व्यापारियों का कहना था कि यदि समय पर उपचार मिल जाता तो शायद अशोक गुप्ता की जान बच सकती थी। हालांकि इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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व्यापारी बोले- कार्रवाई नहीं हुई तो बूंदी बंद
इंदिरा मार्केट व्यापार संघ से जुड़े व्यापारी प्रशांत मोदी ने कहा कि अशोक गुप्ता व्यापार संघ से जुड़े हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मरीज को अस्पताल लाने के बाद उपचार में देरी हुई और उन्हें अलग-अलग वार्ड में भेजा गया। उनके अनुसार घटना को लेकर व्यापारियों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि यदि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारी बूंदी बंद जैसे कदम पर विचार करेंगे।
पांच घंटे बाद बनी सहमति
करीब पांच घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन और परिजनों के बीच बातचीत हुई। परिजनों की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया और शव का पोस्टमार्टम कराया गया। सहमति बनने के बाद परिजनों ने शव उठाया।
दो दिन में जांच का आश्वासन
मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी लक्ष्मीकांत मीणा ने कहा कि परिजनों की ओर से शिकायत दी गई है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने दो दिनों के भीतर जांच पूरी करने का आश्वासन दिया। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम भी उठाए जाएंगे। व्यापारी की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शन ने जिला अस्पताल की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और मरीजों को समय पर उपचार मिलने को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब प्रशासन की जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे स्पष्ट होगा कि उपचार में किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी या नहीं।