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बूंदी में बवाल: जमीन विवाद में मारपीट के बाद महिला की मौत, परिजन बोले- दर्ज हो हत्या का मुकदमा

Thu, 27 Aug 2026 09:47 PM IST
बूँदी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी

सार

नैनवां में जमीन विवाद को लेकर हुई मारपीट में घायल राधाबाई की जयपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजनों और समाज के लोगों ने शव थाने के सामने रखकर प्रदर्शन किया और आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की।

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बूंदी में शव थाने के सामने रखकर प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिले के नैनवां कस्बे में मारपीट में गंभीर रूप से घायल महिला की जयपुर में उपचार के दौरान मौत के बाद बुधवार को माहौल गरमा गया। मृतका का शव नैनवां थाने के सामने रखकर परिजनों और समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने, निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ माली समाज के लोग भी शामिल रहे।

जानकारी के अनुसार, नैनवां निवासी राधाबाई के साथ 27 जून को खातेदारी जमीन के विवाद को लेकर मारपीट हुई थी। इस दौरान महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए जयपुर ले जाया गया, जहां करीब दो महीने तक इलाज चला। परिजनों के अनुसार राधाबाई की हालत लगातार गंभीर बनी रही और 27 अगस्त को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

महिला की मौत की सूचना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। शव नैनवां पहुंचने पर बड़ी संख्या में परिजन और समाज के लोग एकत्र हो गए। इसके बाद शव को नैनवां थाने के सामने रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। इस दौरान सड़क जाम कर नारेबाजी की गई और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई गई।

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हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग
मृतका के पुत्र दुर्गाशंकर ने पुलिस को परिवाद देकर मारपीट के आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। परिजनों का आरोप है कि 27 जून को हुई मारपीट के बाद पुलिस को शिकायत दी गई थी, लेकिन मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि महिला की मौत मारपीट में लगी गंभीर चोटों के बाद उपचार के दौरान हुई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष और गंभीरता से जांच कर आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में मामला दर्ज किया जाए और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए।

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लिखित आश्वासन पर अड़े परिजन
शव थाने के सामने रखे जाने के बाद पुलिस और प्रशासन में हलचल मच गई। बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से थाने के आसपास तनावपूर्ण स्थिति बन गई। सूचना पर डीएसपी ओमप्रकाश मीणा, नैनवां थानाधिकारी सहदेव सिंह मीणा, देई थाना अधिकारी हनुमान सहाय और तहसीलदार भोपाल सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की।

अधिकारियों ने नियमानुसार जांच और कार्रवाई का भरोसा दिलाया, लेकिन प्रदर्शनकारी केवल मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए। परिजनों ने पुलिस-प्रशासन से लिखित आश्वासन देने की मांग की। उनका कहना था कि जब तक मांगों पर स्पष्ट लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने दी जाएगी।

शाम करीब साढ़े सात बजे तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शनकारियों से समझाइश में जुटे रहे। परिजन आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े रहे।

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