बूंदी जिले में आवारा कुत्तों का आतंक अब इस कदर बढ़ गया है कि लोग अपने बच्चों को घर से बाहर भेजने से भी डरने लगे हैं। रविवार को सदर थाना क्षेत्र के बिशनपुरा गांव में हुई एक दर्दनाक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। महज पांच साल की मासूम श्रेया पर एक आवारा कुत्ते ने इतना खौफनाक हमला किया कि उसकी रीढ़ की हड्डी तक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि उन्होंने अपने करियर में डॉग बाइट का इतना भयावह मामला बहुत कम देखा है। मासूम को बचाने के लिए डॉक्टरों ने सीपीआर देकर उसकी धड़कन तक वापस लाई, लेकिन गंभीर चोटों के कारण आखिरकार इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे जिले में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
सदर थाना क्षेत्र के बिशनपुरा गांव निवासी श्रेया (5) पुत्री ओमप्रकाश मीणा अपनी बड़ी बहन के घर से खेलते हुए खेत की ओर जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में घूम रहे एक आवारा कुत्ते ने अचानक उस पर हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्ची को जमीन पर गिराकर बेरहमी से नोच डाला। उसकी चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण दौड़े और काफी मशक्कत के बाद उसे कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया।
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गंभीर हालत में बच्ची को बूंदी जिला अस्पताल लाया गया। सर्जन डॉ. शुभम व्यास ने बताया कि बच्ची अस्पताल पहुंची तो वह अचेत अवस्था में थी। तत्काल सीपीआर देकर उसकी धड़कन वापस लाई गई। जांच में सामने आया कि कुत्ते के हमले से उसकी रीढ़ की हड्डी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थी और शरीर पर कई गहरे जख्म थे। कमर के नीचे का हिस्सा पूरी तरह निष्क्रिय हो चुका था। प्राथमिक उपचार के बाद उसे कोटा रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में हालत बिगड़ती गई। कोटा मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
इधर, जिले के नीम का खेड़ा क्षेत्र में भी आवारा कुत्ते ने बुजुर्ग महिला कैलाशी बाई पर हमला कर दिया। महिला के हाथ और गर्दन पर गंभीर घाव आए हैं। इसके अलावा पांच वर्षीय वंशिका और 24 वर्षीय बर्मा बाई भी कुत्ते के हमले में घायल हुई हैं। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जिले में आवारा कुत्तों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है और कई बार प्रशासन को शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण एक मासूम की जान चली गई।