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राजस्थान विस बजट सत्र: राज्यपाल बोले- कोरोना काल में सरकार ने किया बेहतर काम, भाजपा की मांग- रीट पेपर लीक की सीबीआई जांच हो

Wed, 09 Feb 2022 08:10 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन ही साफ हो गया है कि रीट पेपर लीक और अलवर मूकबधिर दुष्कर्म जैसी घटनाओं को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर रहने वाला है। इससे विधानसभा के इस सत्र में जोरदार हंगामा होने के आसार जताए जा रहे हैं।
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भाजपा विधायकों ने इस तरह जताया विरोध। - फोटो : Social Media
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विस्तार
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राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। राज्यपाल कलराज मिश्र ने अपने अभिभाषण में सरकार की तारीफ की। उन्होंने कहा कि कोरोना मैनेजमेंट में राजस्थान सबसे बेहतर प्रदेश है, सरकार ने कोरोना महामारी का सही तरीके से सामना किया है। कोरोना काल में 33 लाख परिवारों को सहायता दी गई। कोरोना जांच करने की क्षमता को भी विकसित किया गया है। साथ ही पलायन कर रहे मजदूरों को सरकार ने बसों में बैठाकर घर पहुंचाया। 

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राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान भाजपा विधायक रीट पेपर लीक परीक्षा को लेकर विरोध करने लगे। राज्यपाल ने सभी विधायकों से बैठने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह सदन तो ऐसे ही चलेगा, अभी आप बैठ जाएंगे तो अच्छा रहेगा। विरोध करने में कोई हर्ज नहीं है। इसके बाद भी विधायक रीट मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर हाथ में तख्तियां लेकर खड़े रहे। वहीं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के तीन विधायक वेल में आए और फिर वॉकआउट कर दिया। विरोध के बीच कोई व्यवधान नहीं होने के कारण राज्यपाल ने करीब एक घंटे का अपना अभिभाषण पूरा किया। 

राज्यपाल के अभिभाषण की बड़ी बातें...

  • राज्यपाल मिश्र ने कोराना काल में किए गए कार्यों को लेकर सरकार की सराहना की और कहा कि यह एक रोल मॉडल के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान 33 लाख गरीब परिवारों को 5 हजार 500 रुपए की आर्थिक सहायता दी गई थी। सरकार ने 1.45 लाख आरटी-पीसीआर टेस्ट करने की क्षमता को विकसित कर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया है।
  • राज्यपाल ने कहा कि लड़कियों को मुफ्त सैनेटरी नैपकिन वितरित करने के लिए सरकार की 'आई एम शक्ति योजना' पर एक बदलाव की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म और इस दौरान रखी जाने वाली स्वच्छता के बारे में बात करने में महिलाओं को झिझक होती थी। इस कारण वे गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाती थीं। इस योजना से महिलाओं को ऐसी समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।
  • राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि केस अनिवार्य रूप से दर्ज करने के कारण महिलाओं और कमजोर वर्गों को इसका फायदा मिला है। साल 2017 में दुष्कर्म के करीब 33.4 फीसदी मामले कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज किए गए थे, लेकिन अब यह घटकर 16 फीसदी रह गए हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह दुष्कर्म के मामलों की जांच का औसत समय 2017-18 में 274 दिन था, अब यह 79 दिन ही रह गया है।

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उपचुनाव में जीते विधायकों ने ली शपथ 
राज्यपाल का अभिभाषण पूरा होने के बाद पिछले साल नवंबर में हुए उपचुनाव में जीत दर्ज करने वाले कांग्रेस विधायकों को शपथ दिलाई गई। इस दौरान वल्लभनगर विधानसभा सीट से जीतकर आईं विधायक प्रीति शक्तिवत और धारियावाड़ विस सीट से जीत कर आए नागराज मीणा को शपथ दिलाई गई।  

लता मंगेशकर को दी गई श्रद्धांजलि
विधानसभा में लता मंगेशकर, पूर्व सीडीएस बिपिन रावत, पूर्व राज्यसभा सांसद जमना देवी, पूर्व लोकसभा सांसद गंगाराम कोली और पूर्व विधायक जयनारायण पूनिया सहित अन्य दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। 

विधानसभा के पास प्रदर्शन: युवा बोले-सीबीआई जांच का आदेश दे सरकार 
रीट पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर बुधवार को सैकड़ों युवाओं ने विधानसभा के पास विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने नौकरी से जुड़े कई मुद्दे उठाए। युवाओं ने सरकार से रिक्त पदों को भरने और निष्पक्ष परीक्षा आयोजित कराने के लिए एक सख्त कानून बनाने की मांग भी की।

राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के अध्यक्ष उपेन यादव ने कहा कि रीट पेपर लीक होने के बड़ी संख्या में युवा प्रभावित हुए हैं। उन्हें न्याय दिलाने के लिए सरकार को सीबीआई जांच का आदेश देना चाहिए, इससे मामले की निष्पक्ष जांच हो सकेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में सब-इंस्पेक्टर, जेईएन सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताएं हुई हैं, लेकिन सरकार उन्हें रोकने के लिए कदम नहीं उठा रही है। इस तरह की गड़बड़ी में शामिल लोग युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, इसलिए उन्हें जेल होनी ही चाहिए। 
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