फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan: जन धन योजना नहीं होती तो कोराना काल में खराब हो जाती देश की हालत, जयपुर में बोले BOI के एमडी रजनीश

Thu, 10 Aug 2023 04:38 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

रजनीश कर्नाटक ने कहा कि आज देश डिजिटल पेटेंट में दुनिया में सबसे आगे है, इसके पीछे का कारण प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खुले बैंक खाते ही है, क्योंकि बैंक का खाता नहीं होगा तो डिजिटल लेनदेन सम्भव ही नहीं है।
विज्ञापन
बैंक ऑफ इंडिया के एमडी रजनीश कर्नाटक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान की राजधानी जयपुर पहुंचे बैंक ऑफ इंडिया के एमडी रजनीश कर्नाटक ने स्वयं सहायता समूह के ऋण संवितरण प्रोग्राम की शुरुआत की। इस दौरारन रजनीश कर्नाटक ने केंद्र सरकारा की जन धन योजना को भारत के लिए वरदान बताया।  

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि ये प्रधानमंत्री मोदी की दूर दर्शाता ही थी जिसके कारण कोविड महामारी में देश खड़ा रहा। बैंकों में खाते होने के कारण ही सरकारी मदद सीधे लोगों के खाते में पहुंची और लाभार्थी उसका उपयोग कर सके। रजनीश कर्नाटक ने कहा कि आज देश डिजिटल पेटेंट में दुनिया में सबसे आगे है, इसके पीछे का कारण प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खुले बैंक खाते ही है, क्योंकि बैंक का खाता नहीं होगा तो डिजिटल लेनदेन सम्भव ही नहीं है। 

रजनीश कर्नाटक ने कहा कि देश की जीडीपी बढ़ रही है, बैंक की भागीदारी भी बढ़ी है। बैंक ऑफ इंडिया भी इसके तहत अपने विस्तार की योजनाओं में लगा है, जिसका सीधा फायदा आम उपभोक्ताओं को मिलगा। बतादें दे कि बैंक ऑफ इंडिया के एमडी रजनीश कर्नाटक गुरुवार को जयपुर स्वयं सहायता समूह ऋण संवितरण प्रोग्राम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का आयोजन राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद के संयुक्त तत्वाधान में किया गया था।
विज्ञापन


इस कार्यक्रम में रजनीश कर्नाटक ने बताया की राजस्थान में बैंक ऑफ इंडिया के दो अंचल जयपुर और जोधपुर में मौजूद हैं। जिसमें 152 शाखाएं हैं। सभी शाखाएं राजस्थान के दूरदराज स्थित गांवों में भारत सरकार और राजस्थान सरकार की जनहित योजनाओं के अंतर्गत समाज के सभी पात्र नागरिकों को प्राथमिकता से बढ़-चढ़कर वित्तीय सहायता पहुंचाने के लिए काम कर रही हैं।

जयपुर और जोधपुर की अंचलों द्वारा दिए गए कुल ऋण का 60% हिस्सा खेती-बाड़ी, किसान क्रेडिट कार्ड योजना, डेयरी, ट्रैक्टर, कृषि यंत्रों की खरीद, ग्रामीण भंडारण, स्वयं सहायता समूह और आवास ऋण रूप में दिया गया है। इसी कड़ी में राजस्थान में गत वित्तीय वर्ष में 315 स्वयं सहायता समूहों को 19 करोड़ रुपए के ऋण स्वीकृत किए गए हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में राजस्थान में जुलाई माह तक बीओआई 351 स्वयं सहायता समूहों को 22 करोड़ का ऋण स्वीकृत कर चुका है। आगामी समय में बीओआई राजस्थान में 3000 स्वयं सहायता समूहों को 200 करोड़ रुपए का ऋण उपलब्ध कराएगा।  

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें