फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan Politics: हिमांशु शर्मा बोले, कहां है ASI? छह महीने की बात है, दम है तो मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज करो

Sat, 22 Apr 2023 08:31 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही

सार

सिरोही में भाजपा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष गोपाल माली के बयान को आधार बनाकर उन पर गंभीर धाराओं में एफआईआर पर सियासत गरमा गई है। इसे लेकर भाजयुमों प्रदेशाध्यक्ष हिमांशु शर्मा ने शासन-प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
विज्ञापन
सिरोही में भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष हिमांशु शर्मा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु शर्मा शनिवार को सिरोही जिले में पहुंचे। उन्होंने यहां शासन-प्रशासन समेत राज्य में पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाए कि पुलिस राजनीतिक दुर्भावना से द्वेषतापूर्ण कार्रवाइयां कर रही है। उन्होंने कहा कि कमियों और कारगुजारियों को उजागर करने वालों से सरकार भय ग्रस्त है। वह उन सभी के खिलाफ चुन-चुन कर मुकदमे करके फंसाने का काम कर रही है।

विज्ञापन

 
गोपाल माली के बयान पर दर्ज हुई एफआईआर
हिमांशु शर्मा ने कहा कि भाजयुमो के जिलाध्यक्ष गोपाल माली ने समाज की एक बेटी के लापता होने के मामले में सवाल उठाए थे। उस पर माली के खिलाफ 10 दिन बाद षडयंत्र पूर्वक भाषण को आधार बनाकर मुकदमा दर्ज किया गया। हिमांशु शर्मा ने कहा कि हम इससे डरने वाले नहीं हैं। पार्टी कार्यकर्ता अन्याय के खिलाफ अब और ज्यादा मुखर होकर आवाज उठाएंगे।
 
पिछले दिनों जिले के अनादरा कस्बे में समाज की एक बेटी के लापता होने के मामले में पुलिस अधिकारी की अकर्मण्यता, ढिलाई पर समाज के धरने-प्रदर्शन में भाषण के दौरान भाजयुमो के जिलाध्यक्ष गोपाल माली ने सवाल उठाए थे। गोपाल माली के खिलाफ संगीन अपराधों की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने से गुस्साए हिमांशु शर्मा ने सिरोही स्थित उनके निवास पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की।
विज्ञापन


हिमांशु शर्मा ने मीडिया से कहा कि हमारे मोर्चा पदाधिकारी ने समाज की बेटी के लापता होने के मामले में 'अनुसंधान अधिकारी क्या कर रहा है। भाजपा सरकार आने पर इस प्रकार की समस्या नहीं झेलनी पड़ेगी' कहकर क्या गुनाह कर दिया?

‘लगता है स्थानीय विधायक के इशारे पर की गई कार्रवाई’
शर्मा ने सवाल उठाया कि क्या गंभीर मामलों की अनदेखी कर रहे और अपने कर्तव्य का निर्वहन करने में असफल रहे अधिकारी को कोसना और सवाल उठाना आज अपराध हो गया है? क्या समाज ऐसे अकर्मण्य व्यक्ति को माला पहनाकर घुमाए? उन्होंने कहा कि इसे राजनीतिक षड्यंत्र नहीं तो और क्या कहें।

भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष ने स्थानीय निर्दलीय विधायक पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लगता है कि उन्हें डर सता रहा है और उनके इशारों पर हमारे कार्यकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की गई है। साथ ही आरोप लगाए कि विधायक गणेश घोघरा ने यूथ कांग्रेस अध्यक्ष रहते राज्यपाल, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री के खिलाफ अपशब्द कहे। फिर भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई, ऐसा क्यों? हमारा भाजयुमो कार्यकर्ता जो अन्याय-अत्याचार के खिलाफ लड़ रहा था, उसके खिलाफ गैर जमानती धाराएं लगाकर फंसाने की कोशिश की गई है। जबकि दो दिन पहले खेल राज्यमंत्री अशोक चांदना जयपुर में पुलिस के अधिकारियों को धमका रहे थे। जहां कमिश्नर खुद खड़े थे। उसके खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं किया जाना क्या दर्शाता है?

10 दिनों के बाद रिपोर्ट दर्ज करवाने की देरी क्यों हुई?
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु शर्मा ने शासन-प्रशासन को चेतावनी देकर कहा कि आने वाले दिनों में यहां बड़ा जनाक्रोश का एक महाघेराव होगा। शर्मा ने कहा कि केवल सिरोही में ही यह तानाशाही नहीं चल रही, प्रदेश भर में भाजयुमो के पदाधिकारियों पर कार्रवाई हो रही है।  समाज की बहन बेटियों की रक्षा के लिए आगे आने वाले समाज के युवा कार्यकर्ताओं की आवाज को दबाने का षड्यंत्र सरकार कर रही है। 10 दिनों के बाद रिपोर्ट दर्ज करवाने की देरी क्यों हुई? इसके पीछे क्या कारण है? इसमें षड्यंत्र की बू आ रही है। इसमें प्राथमिक सूचना दर्ज करवाने के मापदंडों का पालन नहीं हुआ। जिस पुलिस वाले की कार्यशैली पर उंगली उठी, उसे विभाग ने गलती मानकर लाइन हाजिर किया। इसका स्पष्ट मतलब है कि पुलिस की चूक हुई थी। जो कार्रवाई हुई उससे पुलिस खुद कटघरे में है।
 
‘दम है तो मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज करे’
हिमांशु शर्मा ने गोपाल माली के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने जो कहा, उसमें ऐसा कोई संगीन अपराध नहीं था, जिसमें एफआईआर दर्ज हो। मैं आज कह कर जाता हूं और चेतावनी देता हूं कि कहां है एएसआई? छह महीने की बात है। अगर यह कहना कोई अपराध है तो मैं यह बात दोहराता हूं। और यहां की पुलिस को चुनौती देता हूं कि दम है, तो मेरे खिलाफ मुकदमा करे।

हिमांशु शर्मा को वहां मौजूद जिला उपाध्यक्ष दिली पसिंह मांडानी, पूर्व जिलाध्यक्ष लुंबाराम चौधरी, वरिष्ठ नेता वीरेंद्रसिंह चौहान, मंडल अध्यक्ष लोकेश खंडेलवाल, दीपेंद्रसिंह पीथापूरा, गणपतसिंह निंबोड़ा, मांगूसिंह बावली और गणपतसिंह राठौड़ ने स्थानीय प्रशासन पर दुर्भावना प्रेरित होकर काम करने के गंभीर आरोप लगाए।

मांडानी ने बताया कि पिछले दिनों हॉस्पिटल की एक घटना से उपजे रोष के बाद उनके और कुछ लोगों के ऊपर दबाव बनाने के लिए झूठा मुकदमा दर्ज किया गया। शर्मा ने कहा कि उनकी नैतिक जिम्मेदारी थी, इसलिए वे सिरोही आए और हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने प्रशासन के समक्ष इस बात का विरोध दर्ज करवाया है। आगे योजना बनाकर पार्टी उचित कदम उठाने की तैयारी कर रही है। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष ने जिलाध्यक्ष माली की माताजी से मुलाकात करके उन्हें आश्वस्त किया और कहा पार्टी आपके परिवार के साथ है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें