लोकसभा चुनावों में राजस्थान की सीटों के प्रत्याशियों को लेकर भाजपा ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान सांसदों के टिकट नहीं काटे जाएंगे। साथ ही कहा है कि विधायकों को लोकसभा चुनाव में उतारने के बारे में कोई विचार नहीं किया जाएगा। वर्तमान में भाजपा के चार सांसद हैं और इस खबर ने उन्हें राहत पहुंचाई है।
इधर, भाजपा के वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी को लोकसभा चुनाव में जयपुर ग्रामीण सीट से लड़वाने की चर्चा पर भी विराम लगा है। सूत्रों के अनुसार प्रदेश की लोकसभा सीटों के लिए भाजपा के प्रत्याशियों की सूची होली के बाद आएगी।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, प्रदेश प्रभारी कप्तान सिंह सोलंकी, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह, राष्ट्रीय सचिव भूपेन्द्र यादव और प्रदेश भाजपाध्यक्ष अशोक परनामी उम्मीदवारों का पैनल बनाकर दिल्ली भेजेंगे। चुनाव समिति की बैठक भी इन्हीं नेताओं की मौजूदगी में हो रही है।
ब्रहस्पतिवार को जयपुर शहर व ग्रामीण सीट के साथ दौसा, झुझुंनूं, पाली, बाड़मेर, जोधपुर आदि सीटों को लेकर रायशुमारी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकों को टिकट नहीं देने की बात पहले ही तय हो चुकी है। हालांकि, हारे हुए प्रत्याशियों के नामों की चर्चा बैठक में हुई। इसी कारण जयपुर शहर के दावेदारों के नाम पढ़ते वक्त विधायक घनश्याम तिवाड़ी का नाम नहीं बोला गया।
बैठक में वर्तमान सांसदों की सीटों को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। इस समय झालावाड़-बारां, चूरू, जालौर-सिरोही और बीकानेर से भाजपा के सांसद हैं। कयास लगाया जा रहा है कि इनको फिर मौका मिल सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि किसी ने नहीं की, क्योंकि अंतिम फैसला वसुंधरा राजे ही करेंगी।
कांग्रेस में घमासान जारी
लोकसभा चुनाव की टिकटों को लेकर राजस्थान कांग्रेस के नेताओं में घमासान मचा हुआ है। दिग्गज नेताओं के एक ही सीट से दावेदारी की अटकलों से भी मामला उलझता दिख रहा है। शिफ्टिंग के अनुसार, अगर सी.पी.जोशी जयपुर ग्रामीण से चुनाव लड़ते हैं तो मौजूदा सांसद महेश जोशी को टिकट नहीं मिलेगा।
राज्य सभा सांसद अश्क अली इस्लामुददीन का नाम आगे बढ़ा रहे हैं। जयपुर शहर और ग्रामीण सीट पर अभी भी मशक्कत जारी है। नेताओं का कहना है कि जयपुर शहर से विधानसभा चुनाव हार चुके प्रताप सिंह खाचरियावास को टिकट दिलाने के लिए दिल्ली में लॉबिंग जारी है।
पार्टी जयपुर शहर सीट बचाने के लिए अल्पसंख्यक उम्मीदवार को भी तलाश रही है। पार्टी को एक अल्पसंख्यक उम्मीदवार किसी भी सीट से उतारना है। चूरू सीट पर विरोध के कारण यहां अल्पसंख्यक उम्मीदवार उतारना मुश्किल है। ऐसे में जयपुर शहर और झालावाड़ में से एक सीट अल्पसंख्यक को मिल सकती है।