भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी थाना क्षेत्र के गावं में नाबालिग से गैंगरेप के बाद कोयले के भट्ठी में उसे जलाने के मामले में भाजपा की ओर से गठित कमेटी की चार महिला सांसदों का दल रविवार को भीलवाड़ा उस गांव पहुंचा। इस दौरान महिला सांसदों ने पीड़िता के परिजनों से मुलाकात करते हुए गहलोत सरकार पर निशाना साधने के साथ ही राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर भी सवाल उठाए। इन चार सांसदों ने घटना स्थल को भी देखा है। उनके साथ भाजपा की राष्ट्रीय सचिव अल्का गुर्जर भी मौजूद रहीं।
कोटड़ी में हुई इस वीभत्स घटना पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की ओर से जांच के लिए चार महिला सांसदों की टीम गठित की गई। इस टीम का नेतृत्व सांसद सरोज पांडे ने किया। महिला सांसदों ने पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दी तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया। परिजनों से मुलाकात के दौरान पीड़िता की मां का रो-रोकर बुरा हाल रहा। वह बार-बार न्याय करो, बेटी गई है बोलती रहीं। महिला सांसदों की टीम में सरोज पांडे, रेखा शर्मा, कांता कर्दम और लॉकेट चतुर्वेदी शामिल थीं।
राजस्थान की संस्कृति को तार-तार कर दिया
सांसद सरोज पांडे ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पास गृह मंत्री का पद होते हुए सरकार ने राजस्थान की संस्कृति को तार-तार कर दिया है। इस मुर्दा सरकार को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। पांडे ने कहा कि पीड़ित परिवार से सरकार के किसी नुमाइंदे ने मिलना जरूरी नहीं समझा, न ही मुआवजा राशि दी है। यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। हम मांग करते हैं कि तत्काल इस सरकार को इस्तीफा देना चाहिए। इसमें पूरे प्रशासन की लापरवाही सामने आई है, जिस कांस्टेबल को सस्पेंड किया जाना चाहिए, वह नेताओं के संरक्षण के कारण अभी तक विराजमान है। यदि उनके घर परिवार की बेटी होती तो क्या गहलोत सरकार का रुख यही होता?
भाजपा ने कभी महिलाओं की राजनीति नहीं की
सरोज पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री को शर्म आनी चाहिए, महिलाओं पर राजनीति नहीं की जाती है। भाजपा ने कभी महिलाओं की राजनीति नहीं की। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जवाब देना चाहिए कि महिला अपराध में राजस्थान देश में नंबर एक क्यों है? वह मुख्यमंत्री के साथ गृह मंत्री के पद पर अपने कर्तव्य का निर्वहन कर पा रहे हैं या अपनी कुर्सी बचाने में लगे हुए हैं, सांसद ने कहा कि वो 24 घंटे में अपनी रिपोर्ट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को सबमिट कर देंगे।
प्रशासन की लापरवाही मानी
भाजपा के इन महिला सांसदों के दल ने प्रारंभिक तौर पर प्रशासन की लापरवाही मानते हुए कहा है कि परिजनों ने घटनाक्रम के विषय में बताया अगर उस समय बच्ची को पुलिस ढूंढने निकलती तो शायद आज वह जीवित होती। आज इतने लंबे दिनों के बाद भी सरकार का कोई नेता नहीं आया, प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है, क्योंकि वह गरीब की बच्ची थी. यदि किसी कांग्रेस नेता की बच्ची होती सीएण गहलोत सर के बल चले आते। सांसद कांता कर्दम ने कहा कि गांव वालों और बच्ची के परिजनों ने बताया कि यह बच्ची बच सकती थी, वे लोग थाने गए मगर उनकी सुनवाई नहीं की। सरकार चुप्पी साधे बैठी है, सरकार का कोई भी नुमाइंदा अभी तक नहीं आया है। मुख्यमंत्री ने कोई संज्ञान नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि ऐसी सरकार को बर्खास्त करना चाहिए, राजस्थान की जनता उनको जवाब देगी।