बीजेपी सांसद डॉक्टर किरोडी लाल मीणा ने राजस्थान में पेपर लीक और ऑनलाइन पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग करते हुए 19 जनवरी को जयपुर में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा- शिक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक आरोपी सुरेश ढाका ऑफ लाइन परीक्षा ही नहीं, ऑन लाइन परीक्षा में धांधली का भी बेताज बादशाह है। सुरेश ढाका का लगभग सभी कम्प्यूटर लैबों में सम्पर्क था और राजनैतिक पहुंच से उसके इन लैबों से अच्छे सम्बन्ध हो चुके थे। सुरेश ढाका अपने पार्टनर महेन्द्र विश्नोई (I.T हैकर) को हैकिंग के लिए लैबों में सम्पर्क कराता था। महेन्द्र विश्नोई ने हैकिंग का कोर्स गुडगांव और चीन से किया। जिसमें सुरेश ढाका ने मदद की। महेन्द्र विश्नोई का सम्पर्क विदेशों के हैकर्स से भी है।
सुरेश ढाका के TCS एजेन्सी के राजस्थान हैड भुवनेश भार्गव से सम्बन्ध
सांसद किरोड़ीलाल बोले- TCS एजेन्सी में सुरेश ढाका के अच्छे रिश्ते हैं । उनके दोस्त हैकर्स महेन्द्र विश्नोई को TCS ने गुडगांव में जॉब दिया। सुरेश ढाका के नेताओं से अच्छे संबंध हैं। सुरेश ढाका के दोस्त हैकर महेन्द्र विश्नोई की मदद से 2019 में यूथ कांग्रेस के चुनाव को ऑनलाइन हैक कर सीएम अशोक गहलोत गुट के सुमित भगासरा को जिताया गया। जबकि इनके विरोधी मुकेश भाकर जो सचिन पायलट गुट के हैं, उन्हें हरा दिया। इससे यह साबित होता है कि सुरेश ढाका के CMO तक अच्छे सम्बन्ध हैं। इसके अलावा मंत्री, विधायक से भी अच्छे सम्बन्ध हैं।
सुरेश ढाका पर मनी लॉन्ड्रिंग का केश
सांसद ने पिंक सिटी प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता करके आरोप लगाया कि सुरेश ढाका अपने मामा के पास महाराष्ट्र में हवाला के जरिए रुपए मंगवाकर कन्वर्ट करवाने का काम करता था। मनी लॉडरिंग की जांच हुई, जिसमें सुरेश ढाका को दोषी पाया गया। जिसमें उसके खिलाफ मुकदमा मनी लॉन्ड्रिंग केस में दर्ज है और 2016 में मुम्बई से भागकर वह जयपुर आ गया।
सरकार की पेपर लीक में संदिग्धता डॉक्टर
किरोडी लाल मीणा ने कहा कि TCS कम्पनी के राजस्थान हैड भुवनेश भार्गव की संदिग्ध भूमिका है। भुवनेश भार्गव कोटा के रहने वाले हैं। भुवनेश भार्गव पर आरोप है कि दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा 2020 में कोटा में एक परीक्षा केन्द्र ओम कोठारी कॉलेज पर ऑनलाईन परीक्षा सेन्टर था। इस एक ही सेन्टर से 226 अभ्यार्थियों का चयन दोषपूर्ण था। जिसकी जांच CBI कर रही है। दिल्ली पुलिस ने 625 अभ्यार्थियों को अयोग्य घोषित किया था, जिसकी सूची में 225 अभ्यर्थी अकेले ओम कोठारी कॉलेज कोटा के थे, जो भुवनेश भार्गव के अभ्यार्थी हैं। लेकिन राजस्थान SOG ने इन पर कोई कार्रवाई नहीं की।
मैंने पूर्व में प्रेस वार्ता में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा लीक प्रकरण में दिवाकर स्कूल झोटवाडा और CHO, JEN परीक्षा लीक प्रकरण में जागृति विद्या मंदिर का नाम उजागर किया था, जिसमें सरकार ने दिवाकर स्कूल की मान्यता रद्द कर दी। लेकिन जागृति विद्या मंदिर की मान्यता रद्द नहीं की और ना ही कोई कार्यवाही की। क्या कार्यवाही इसलिए नहीं की, क्योंकि इसकी मालिक मंजू शर्मा राजस्थान सरकार के विप्र कल्याण बोर्ड की उपाध्यक्ष हैं? आईआईटी जेईई भर्ती परीक्षा में भी इनकी लिप्तता के कारण यह CBI के राडार पर है। TCS कम्पनी ने जेल प्रहरी, सरस डेयरी की परीक्षा आयोजित कराई। जिसका केस SOG में दर्ज है। लेकिन SOG ने भार्गव के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की। TCS कम्पनी के खिलाफ रेलवे भर्ती घोटाले की जांच भी चल रही है।
राजस्थान में ऑनलाइन परीक्षाओं में पेपर माफियाओं ने बड़े स्तर पर धांधली की
राजस्थान में ऑनलाइन परीक्षाएं जितनी भी कराई गई, उन सभी में पेपर माफियाओं ने बड़े स्तर पर धांधली की है- Online पेपर भी लीक किया है या उनमें TCS के हेड भुवनेश भार्गव और ढाका की अहम भूमिका है। डॉ किरोडी लाल मीणा ने यह भी आरोप लगाया कि ज्यादातर जो कंप्यूटर लैब चल रहे हैं और परीक्षाएं ले रहे हैं, वह हरियाणा के लोगों के हैं।