बीजेपी विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की सरकार जनभावनाओं के आधार पर काम नहीं कर रही है, बल्कि दमन के आधार पर काम कर रही है। राजस्थान में क़ानून व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है। वोट बैंक की राजनीति करने का काम भी अब कांग्रेस के नेता करने लगे हैं। कौन सी जाति मुझे वोट देगी, कौन सी जाति को ख़ुश करने से वोट मिलेंगे और कौन सी जाति को नाराज़ करने से भी मुझे वोट मिलेंगे, इस तरह की राजनीति के आधार पर कांग्रेस सरकार काम कर रही है। भरतपुर के नदबई की घटना इसी वोट बैंक की राजनीति का परिणाम है।
समाज को विभाजित कर राजनीति का खेल कांग्रेस के विधायक-मंत्री खेल रहे
विधायक रामलाल बोले-समाज को अलग अलग भागों में विभाजित करके जिस तरीक़े की राजनीति का खेल कांग्रेस के विधायक और मंत्री खेल रहे हैं, ये हम सब को शर्मसार करने वाले हैं। जहाँ राजस्थान शांतिप्रिय प्रदेश हुआ करता था। उसके अंदर जातीय वैमनस्य फैलाने का काम कांग्रेस सरकार के नेता कर रहे हैं। इसी तरीके से बाड़मेर में अनुसूचित जाति के व्यक्ति की हत्या की गई। पुलिस को बार-बार हत्या की आशंका जताने के बावजूद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही और इसी तरीके से अलवर में भाजपा के जनाक्रोश आंदोलन के दौरान भाजपा के कार्यकर्ताओं और वहाँ के विधायक संजय शर्मा और सांसद के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया। पुलिस ने डंडे बरसाकर आंदोलन को कुचलने का काम किया। भारतीय जनता पार्टी इसकी घोर शब्दों के अंदर निंदा करती है।
कानून का राज पूरी तरह से समाप्त हो चुका
बीजेपी विधायक ने कहा कि इन सब घटनाओं को देखते हुए लगता है कि प्रदेश में क़ानून का राज पूर्ण रूप से समाप्त हो चुका है। कांग्रेस का एक ही मक़सद है कि सिर्फ़ वोट बैंक की राजनीति करो और लोगों को जातियों से लड़ाने का काम करो। ध्रुवीकरण करके अपनी सत्ता हासिल करने का जो खेल राजस्थान में कांग्रेस सरकार खेल रही है। आने वाले समय के अंदर इनके मंसूबे कभी साकार होने वाले नहीं हैं।