कोटा के रामगंजमंडी से बीजेपी विधायक मदन दिलावर ने कहा- सीएम अशोक गहलोत ने जो बजट पेश किया है,वह एक झुनझुना है। मैं झुनझुना इसलिए कह रहा हूं क्योंकि पिछली बार उन्होंने कहा था कि हम सभी किसानों का कर्जा फ कर देंगे। सभी बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देंगे, लेकिन उसका हश्र देख लिया है। उन्होंने यह भी कहा था कि एससी-एसटी के लिए हम 500-500 करोड़ रुपए का बजट आवंटन कर रहे हैं, इससे उनके कल्याण के लिए काम करेंगे। लेकिन उसके तो आदेश ही नहीं निकले, रूल्स ही नहीं बने, एक पैसा भी खर्च नहीं किया, जबकि साल खत्म होने को आ गया है। अब उसका बजट 500 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 1000 करोड़ रुपए कर दिया है। 1000 क्या 50 हजार करोड़ रुपए कर दें, 1 लाख करोड़ रुपए कर दें, इससे फर्क क्या पड़ता है। जब पैसा खर्च ही नहीं करना है, तो अंतर ही क्या आता है ?
रामगंज मंडी में 70 बेड का ट्रोमा हॉस्पिटल बन गया क्या ?
विधायक मदन दिलावार बोले-सीएम बड़ी-बड़ी घोषणाएं करते हैं। उन्होंने घोषणा की थी कि रामगंज मंडी में ट्रोमा हॉस्पिटल होगा और 70 बेड का हॉस्पिटल होगा, क्या हॉस्पिटल खड़ा हो गया ? नहीं हुआ ना ? इसलिए ऐसी ही थोथी घोषणाएं इस बजट में भी की गई हैं। एससी कैटेगरी के बच्चों को हॉस्टल में मेस भत्ता ही बढ़ा देते, नहीं बढ़ाया। विधवा महिलाओं की पेंशन ही बढ़ा देते,नहीं बढ़ाई। क्या हो गया, क्या महिलाओं से परेशानी है, एससी-एसटी के लोगों से परेशानी है ? बीजेपी विधायक दिलावार बोले- सरकार कह रही थी कि हम किसानों के लिए बहुत कुछ करेंगे, लेकिन क्या किया है, कुछ भी तो नहीं किया है। इसलिए बजट लोगों को बेवकूफ बनाने वाला है।
बिजली तो देनी नहीं है, फ्री करने से क्या फायदा
बीजेपी विधायक मदन दिलावर बोले- बजट में सीएम ने कहा बिजली हम आम लोगों को 100 यूनिट तक बिजली फ्री कर देंगे, किसान को 2000 यूनिट तक हर महीने बिजली फ्री कर देंगे। लेकिन वो सारी बिजली फ्री कर दें, उलटा पैसा भी दें, तो भी क्या अंतर आता है। क्योंकि बिजली तो सरकार को देनी नहीं है। गांव में 10-10, 12-12 घंटे बिजली नहीं आती है। 6 घंटे बिजली देने की बात करते हैं, लेकिन किसान को 2 घंटे भी सिंचाई के लिए बिजली नहीं मिलती है। उनकी सरकार के भरोसे किसान रह जाए, तो उनकी फसल चौपट हो जाए । इसलिए कुछ भी घोषणा करें,किसान को फायदा होने वाला नहीं है। जिनता फ्री देंगे,उतना ही बिजली की कटौती करेंगे और किसानों पर अत्याचार करेंगे, हम जानते हैं। 4 सालों से देख रहे हैं,किस तरह से लोगों को तंग और परेशान किया है, यह सबके सामने है।
सौगातें दी होतीं,तो 28 हजार सीएचए आंदोलन नहीं करते- रामलाल
जयपुर के चौमूं से बीजेपी विधायक और पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने कहा- कांग्रेस के नेता और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बजट घोषणाओं के बाद बड़ी-बड़ी बातें इस आधार पर कर रहे हैं कि हमने प्रदेश की जनता को बहुत सी सौगातें दी हैं। सौगातें अगर आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए दी होतीं, तो आज राजस्थान के 28 हजार सीएचए आंदोलन नहीं करते। वो टंकी पर चढ़कर अपनी मांगें मनवाने के लिए सरकार का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं, क्योंकि कोविड के दौरान अपनी जान जोखिम में उन्होंने डाली थी, उन लोगों को उम्मीद यह थी कि सरकार उन्हें नियमित करेगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को यह उम्मीद थी कि हमें नियमित करने का काम सरकार करेगी। लेकिन वेतन में 15 फीसदी बढ़ोतरी करने का काम करके सरकार ने इतिश्री करने का काम किया है।
पुलिसकर्मी और किसान भी निराश हुए
विधायक रामलाल शर्मा ने कहा- पुलिस के कर्मचारी भी अलग-अलग प्लेटफॉर्म से अपनी मांगे उठा रहे थे। पुलिस के लोगों की नत और सेवाओं को भी बजट में नजर अंदाज किया गया। लाखों किसान इस उम्मीद के सहारे थे कि शीतलहर, बारिश के कारण फसल चौपट हुई है, तो सरकार बजट में दो शब्द उनके लिए भी जरूर कहेगी, लेकिन आम किसान भी बजट से निराश से हुआ है। सरकार ने बड़ी-बड़ी घोषणाएं तो की हैं, लेकिन धरातल पर वो घोषणाएं आना बहुत मुश्किल है।