राजस्थान के अलवर में हुई भाजपा की जन हुंकार रैली।
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राजस्थान के अलवर में हुई जन हुंकार रैली में भाजपा नेताओं ने सरकार पर जमकर हमला बोला। नेताओं ने प्रदेश में बहुसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार, मंदिर तोड़ने, किसान कर्जमाफी, कानून व्यवस्था, बिजली कटौती, बेरोजगारी भत्ता और लंबित भर्तियों सहित अन्य मुद्दों पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तंज कसे।
हुंकार रैली को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि डॉ. पूनियां ने संबोधित करते हुये कहा कि सरकार के झूठे वादों के कारण प्रदेश का हर वर्ग दुखी है। इस सरकार का कोई धनी धोरी नहीं है। यह सरकार 300 साल पुराने मंदिर पर बुलडोजर चला रही है, और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भष्टाचार के खिलाफ बुलडोजर चला रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में लोगों को जाति और धर्म के नाम पर बांटने का काम किया है। सबसे शांत प्रदेश राजस्थान में अब हालात बदल रहे हैं। इससे प्रदेश की छवि धूमिल हुई है। मुख्यमंत्री गहलोत कोटा में पीएफआई की रैली को अनुमति देते हैं और रामनवमी व हिंदू नववर्ष के जुलूसों पर प्रतिबंध लगाया जाता है। करौली से लेकर जोधपुर तक हिंदुओं पर हमले होते हैं। इसके जिम्मेदार मुख्यमंत्री हैं।
पूनिया ने कहा कि सरकार के संरक्षण से अलवर अपराध का गढ़ बना हुआ है, इसलिए भाजपा ने अपनी हुंकार रैली की शुरुआत यहां से की है। अलवर की जनता ने यह फैसला किया है कि कांग्रेस सरकार को 2023 में उखाड़ फेंकेंगे। उन्होंने कहा कि 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान मालाखेड़ा, जालोर सहित कई जिलों में हुई सभाओं में राहुल गांधी ने युवाओं को झूठे सपने दिखाए, किसानों का पूरा कर्जा माफ करने की बात कही, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।
भाजपा अध्यक्ष पूनिया ने कहा कि प्रदेश में 9 हजार से अधिक किसानों की जमीन नीलाम हो रही है,। युवा रोजगार के लिए परीक्षा दे रहे हैं, लेकिन पेपर लीक होने से उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। मुख्यमंत्री गहलोत कहते हैं कि मेरा इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के पास पड़ा हुआ है। मेरा सोनिया गांधी से निवेदन है कि, वे इस्तीफा स्वीकार करें। जिससे प्रदेश का भला हो सके।