कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों की पहली सूची जारी होने के बाद अब बगावत के सुर उठने लगे हैं। इन दोनों पार्टियों को पिछली बार की तरह इस चुनाव में भी अपनों से जूझना पड़ेगा।
टिकट नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस पार्टी की गहलोत सरकार में चिकित्सा राज्य मंत्री राजकुमार शर्मा ने निर्दलीय चुनाव लडऩे का एलान कर दिया है। उन्होंने केन्द्रीय श्रम मंत्री शीश राम ओला पर टिकट कटवाने का आरोप लगाया है।
इधर भाजपा में पार्टी के उपाध्यक्ष व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी को जयपुर स्थित सिविल लाइंस सीट से टिकट मिलने से पूर्व भाजयुमो अध्यक्ष अशोक लाहोटी नाराज चल रहे हैं और इस क्षेत्र के कई ब्लॉक अध्यक्षों ने अपने-अपने इस्तीफे भाजपा मुख्यालय भेज दिए हैं।
कांग्रेस पर ज्यादा संकट
कांग्रेस ने 63 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की थी। राजस्थान विधानसभा की 200 सीटों में से इतने कम प्रत्याशी घोषित करने के बावजूद विरोध के सुर अपेक्षाकृत तेज हैं। यहां नवलगढ़ सीट से राजकुमार शर्मा के साथ, श्रीगंगानगर में कांग्रेस प्रत्याशी जगदीश जांदू के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया है।
टोंक में जकिया को टिकट नहीं दिए जाने की मांग पर दो दिन से हंगामा जारी है। श्रीगंगानगर में टिकट के दारेदार माने जा रहे राजकुमार गौड़ के समर्थकों ने जगदीश को तुरंत बदलने की मांग की है। दोसा जिले में भी मतभेद सामने आए हैं। इस जिले की सीटों र टिकट वितरण से नाखुश टिकट के दारेदार व बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष विनोद बिहारी शर्मा ने पद से इस्तीफा दे दिया है।
कांग्रेस व ओला के खिलाफ खोला मोर्चा
राजकुमार शर्मा ने नवलगढ़ से टिकट नहीं मिलने पर ओला के खिलाफ बोलना तेज कर दिया है। उनके अनुसार उनकी टिकट कटने के जिम्मेदार ओला हैं। ओला लगातार मुझे टिकट दिए जाने की खिलाफत कर रहे थे और धमकी भी दी थी कि यदि राजकुमार को टिकट दिया गया, तो वे इस्तीफा दे देंगे। शर्मा ने कहा कि पार्टी उनकी सीट बदलना चाहती थी, जिसके लिए वे तैयार नहीं थे। अब वे निर्दलीय चुनाव लडऩे के लिए 11 नवम्बर को पर्चा भरेंगे।
भाजपा में भी असंतोष
भाजपा की ओर से 176 विधानसभा सीटों के उम्मीदवार घोषित करने के साथ ही पार्टी में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। जयपुर, दोसा और अजमेर में अधिक असंतोष पाया गया है।
जयपुर की सिविल लाइंस सीट से चतुर्वेदी को उम्मीदवार बनाने की घोषणा के साथ ही 400 से अधिक कार्यकर्ताओं, वार्ड अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों ने त्यागपत्र सौंपा दिए हैं। जयपुर की ही बगरू विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार कैलाश वर्मा के विरोध के स्वर तेज हो गए हैं।
वहीं आमेर से दो बार पार्टी के प्रत्याशी रहे नवीन पिलानिया दीपावली से पहले राजपा में शामिल होकर विरोध दर्ज करवा चुके हैं।
इधर, अजमेर से राजपूत समाज की अनदेशी के आरोप लग रहे हैं। राजपूत समाज विरोध में उतर आया है। यहां भंवर सिंह पलाड़ा पुष्कर से टिकट मांग रहे थे, लेकिन उनकी जगह सुरेन्द्र रावत को टिकट दिया गया है। नोखा और भरतपुर सीटों से भी बगावती सुर सामने आए हैं।
वहीं दौसा में हरियाणा गौड़ ब्रह्माण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर लाल शर्मा को टिकट देने से लोगों में नाराजगी है। खींवसर में भागीरथ महरिया को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद विरोध के सुर तेज हो गए हैं।
महरिया को नशीले पदार्थो का कारोबारी कह रहे हैं और प्रत्याशी बनाए जाने पर असहमति जता रहे हैं। इसके अलावा एक दर्जन सीटें अन्य सीटों पर भी बगावती आवाज तेज होने लगी है।