फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PM Modi in Bikaner: जानिए कौन हैं बीकानेर की सुमित्रादेवी सेन, जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी ने मंच पर किया प्रणाम

Thu, 22 May 2025 06:47 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर

सार

बीकानेर की सुमित्रा देवी सेन, जो कभी 400-500 रुपये मासिक कमाती थीं, राजीविका योजना से जुड़कर आत्मनिर्भर बनीं। अब वे 25,000 रुपये मासिक कमाती हैं। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात में उन्होंने भावुक क्षण में उन्हें लकड़ी की बैलगाड़ी भेंट की, मोदी ने उन्हें प्रणाम किया।
विज्ञापन
मंच पर सुमित्रादेवी को प्रणाम करते पीएम नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बीकानेर के पलाना गांव में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा एक भावुक क्षण का गवाह बनी। जब मंच पर एक महिला प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचीं, तो वे भावुक होकर उनके चरण छूने झुकीं। लेकिन इससे पहले ही प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें रोका और स्वयं झुककर उन्हें प्रणाम किया। यह महिला थीं बीकानेर जिले के पांचू ब्लॉक के पारवा गांव की रहने वाली सुमित्रा देवी सेन, जो आज ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं।
विज्ञापन


सुमित्रा देवी ने प्रधानमंत्री को अपने हाथों से बनी लकड़ी की बैलगाड़ी का मॉडल भेंट किया, जो उनके आत्मविश्वास, मेहनत और प्रतिभा का प्रतीक है। वे वर्ष 2018 में राजस्थान सरकार की राजीविका योजना के अंतर्गत “माजीसा स्वयं सहायता समूह” से जुड़ीं। उस समय उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी और मासिक आय मात्र 400 से 500 रुपये के बीच थी।

ये भी पढ़ें- PM Modi: 'मोदी का दिमाग ठंडा है लेकिन अब नसों में बह रहा गर्म सिंदूर'; पीएम ने पाकिस्तान को दी सख्त चेतावनी
विज्ञापन


 
विज्ञापन

पीएम मोदी से मिलने पहुंचीं सुमित्रा देवी - फोटो : अमर उजाला
स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद सुमित्रा ने 50,000 रुपये और फिर “एकता शक्ति क्लस्टर लेवल फेडरेशन, पांचू” से 1 लाख रुपये का ऋण लेकर सिलाई मशीन खरीदी। इसके बाद उन्होंने बैग, पर्स और लकड़ी की कलात्मक वस्तुएं बनानी शुरू कीं। वर्ष 2022 में बीकानेर के ग्रामीण हाट में स्टॉल मिलने के बाद उनके उत्पादों को बड़ा मंच मिला और उन्होंने शहरी बाजार में भी कदम रखा।

ये भी पढ़ें- 'पाकिस्तान को उन नदियों का पानी नहीं मिलेगा, जिन पर भारत का हक है', पीएम मोदी ने दी सख्त चेतावनी

आज उनकी मासिक आय करीब 25,000 रुपये है और वे राज्यभर से ऑनलाइन ऑर्डर प्राप्त कर रही हैं। सुमित्रा देवी न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अपने गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत हैं। जिला परियोजना प्रबंधक दिनेश मिश्रा के अनुसार, सुमित्रा की सफलता राजीविका जैसी योजनाओं की असली ताकत को दर्शाती है। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें