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India-Pak Tension: खुद को द्वितीय पंक्ति का सिपाही मानते हैं खाजूवाला के लोग, कहा-पाकिस्तान दुनिया के लिए खतरा

Fri, 09 May 2025 02:59 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर

सार

 खाजूवाला में रहने वाले लोग खुद को 'द्वितीय पंक्ति का सिपाही' मानते हैं। उनका कहना है कि वे सीमा पर रहकर हर संकट में देश के साथ खड़े हैं और खड़े रहेंगे। 65 साल के शाहबुद्दीन पड़िहार कई बार सीमाई तनाव के गवाह रहे हैं। वे पाकिस्तान को पूरी दुनिया के लिए खतरा बता रहे हैं।
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खाजूवाला में लोगों का जोश हाई। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव जारी है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से की गई एयर स्ट्राइक के बाद दोनों देश आमने-समाने हैं। भारत की ओर से पाकिस्तान की हर करतूत का करारा जवाब दिया जा रहा है। वहीं, ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकियों और उनके सरपरस्तों पर हो रही कार्रवाई से पूरे देश में जोश की लहर हैं। राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र खाजूवाला में यह जोश कुछ खास रूप में देखने को मिला। यहां के लोगों ने भारत की जवाबी कार्रवाई को त्योहार की तरह मनाया है।  

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खाजूवाला में रहने वाले लोग खुद को 'द्वितीय पंक्ति का सिपाही' मानते हैं। उनका कहना है कि वे सीमा पर रहकर हर संकट में देश के साथ खड़े हैं और खड़े रहेंगे। यहां के युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में देशभक्ति का जुनून साफ देखाई दे रहा है। 65 साल के शाहबुद्दीन पड़िहार कई बार सीमाई तनाव के गवाह रहे हैं। वे साफ कहते हैं कि पाकिस्तान केवल भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के लिए खतरा है। वह वर्षों से आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। हमें भारत की सेना पर पूरा विश्वास है कि वह किसी भी परिस्थिति से निपट सकती है। हमारी सेना ने 1947, 1965, 1971 और कारगिल युद्ध के दौरान अपना पराक्रम दिखाया है, जिसे पूरे विश्व ने सराहा है। हमें गर्व है कि भारत अब ऐसे आतंकी ठिकानों पर सीधी कार्रवाई कर रहा है।

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ग्रामीणों का कहना है कि वे हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं। उन्हें न तो सीमा पर रहने का डर है और न ही किसी प्रकार की असुरक्षा की भावना। उनके लिए सबसे बड़ा गर्व यह है कि वे उस भूमि पर रहते हैं जो भारत की रक्षा की पहली दीवार है। सीमावर्ती क्षेत्र खाजूवाला के लोग यह उदाहरण पेश कर रहे हैं कि देशप्रेम केवल हथियार उठाकर नहीं, बल्कि सीमा पर डटे रहकर, हिम्मत और एकता के साथ भी निभाया जा सकता है। आज जब देश को ऐसे जज्बे की सबसे ज्यादा जरूरत है, खाजूवाला के लोग एक मिसाल बनकर सामने आ रहे हैं।

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