बीकानेर स्थापना दिवस
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शायरी में उतरती मोहब्बत की जमीन
स्थापना दिवस के मौके पर बीकानेर को समझने के लिए शायर अजीज आज़ाद साहब के ये लफ्ज़ काफी हैं।
तुम हो खंजर भी तो सीने में समा लेंगे तुम्हें,
पर जरा प्यार से बाहों में भर कर तो देखो,
मेरा दावा है सब जहर उतर जाएगा,
तुम दो दिन मेरे शहर में ठहर कर तो देखो।
ये किसी शायर के शेर के केवल अल्फाज नहीं, बीकानेर शहर की वो तासीर है जो दिलों की नफरत को भी मोहब्बत में ढाल देती है।