फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bikaner News : सैनिक की मौत के मामले में वार्ता विफल, आज तीसरे दिन भी धरना जारी, दोपहर को पहुंचेंगे बेनीवाल

Sat, 28 Sep 2024 09:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर

सार

जिला सैनिक कल्याण अधिकारी द्वारा सैनिक की मौत को आत्महत्या बताने के बाद आज तीसरे दिन भी हाई वे पर परिजनों का धरना जारी है। सैनिक के परिजन और ग्रामीण सैनिक को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग पर अड़े हैं। आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल आज दोपहर धरना स्थल पहुंचेंगे।
विज्ञापन
धरने पर बैठे परिजन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अनंतनाग में पोस्टेड सैनिक रामस्वरूप कस्वां के निधन के मामले में विवाद गहराता जा रहा है। दरअसल पहले सैनिक के शहीद होने की खबर आई थी। बताया गया था कि अनंतनाग में मुठभेड़ में सैनिक को गोली लगी है। परिजनों का आरोप है कि जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने इसे आत्महत्या का प्रयास बताते हुए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की बात कही है। गुरुवार से हाई वे पर धरना लगाकर बैठे परिजनों का धरना आज भी जारी है। आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल भी आज परिजनों से बात करने धरना स्थल पर पहुंचने वाले हैं।

विज्ञापन


पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए वेलफेयर का काम करने वाले सीताराम का कहना है कि इस मामले में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी का रवैया ठीक नहीं था और यह उनकी तानाशाही है। वहीं इस मामले को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। जयपुर रोड पर चल रहे इस धरने को पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंदराम मेघवाल, नोखा विधायक सुशीला डूडी, श्री डूंगरगढ़ के पूर्व विधायक गिरधारी महिया ने अपना समर्थन दिया है।

पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंदराम मेघवाल ने केंद्र सरकार पर शहीद के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को शहीद पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। सैनिक कल्याण बोर्ड के अधिकारी द्वारा इसे आत्महत्या बताया जाना सरासर गलत है। ऐसे में हमारी सरकार से मांग है कि सैनिक कल्याण बोर्ड के अधिकारी को निलंबित किया जाए और  रामस्वरूप कस्वां को शहीद का दर्जा दिया जाए। साथ ही कस्वां के परिजनों को वो ही लाभ दिए जाएं, जो एक शहीद के परिजनों को मिलते हैं। 
विज्ञापन


इधर बीकानेर-जयपुर हाई वे पर शहीद के परिजनों और ग्रामीणों का धरना आज तीसरे दिन भी जारी है। प्रशासन और परिजनों के बीच अब तक हुई सारी वार्ता विफल हो गई है। परिजन सैनिक को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें