बूंदी जिले में फिर दो दोस्तों की पानी में डूबने से मौत हो गई। इस बार हादसा बूंदी जिले के नैनवां कस्बे में हुआ। हादसे के शिकार हुए दोनों बालक 11वीं कक्षा में पढ़ते थे। हादसे की सूचना मिलने के बाद नैनवां कस्बे में मातम पसर गया। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवाकर उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया है। हादसे के बाद मृतकों के घरों में कोहराम मच गया। बूंदी जिले में बीते कुछ महीनों में इस तरह के कई हादसे हो चुके हैं, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसा कस्बे के हनुमतपुरा मोहल्ले में स्थित तलाई में हुआ। वहां बिजलवा निवासी सुशील, आशीष, अशोक और विकास चार बच्चे तलाई में नहाने गए थे। उन्हें तैरना नहीं आता था। इस दौरान पानी की गहराई में जाने से सुशील बैरवा (16) पुत्र गिर्राज बैरवा डूबने लगा। इस पर उसे बचाने के लिए आशीष बैरवा (17) पुत्र राजाराम बैरवा गया, लेकिन दोनों ही पानी में डूब गए।
उसके बाद उनके दोनों साथी चिल्लाने लगे। इस पर पास में ही बकरियां चरा रहे विनोद ने उनकी आवाज सुनी। विनोद ने आसपास लोगों को घटना की जानकारी दी। इस पर वहां लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। लोगों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी, उसके बाद पुलिस नैनवां थाना पुलिस और तहसीलदार सिविल डिफेंस की टीम को लेकर मौके पर पहुंचे। वहां स्थानीय लोगों की मदद से दोनों के शवों को तलाई से बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
मानसून सीजन में इस तरह के कई हादसे हो चुके हैं...
पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों का नैनवां अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम करवाकर उनको परिजनों को सौंप दिया। हादसे के शिकार हुए दोनों बालक 11वीं कक्षा में थे। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। परिजन और पड़ोसी उन्हें ढांढस बंधाने में जुटे हैं। उल्लेखनीय है कि इस बार मानसून सीजन में ताबालों और बावड़ियों में पानी की जमकर आवक हुई है। इनमें नहाने के चक्कर में कई लोग अपनी जान गवां चुके हैं।
टोंक में एक युवक की तालाब में डूबने से मौत...
मेहंदवास थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया, देवउठनी एकादशी पर सांखना निवासी लक्ष्मीनारायण बैरवा की दो बेटियों की शादी है। शादी में अभी उसके घर मेहमानों के पहुंचने का सिलसिला लगा हुआ है। ऐसे में घर में खुशी का माहौल बना हुआ है। इस मौके पर उसका भांजा थाना क्षेत्र के खेड़ा निवासी विक्रम बैरवा (18) भी दिल्ली से आया था। वह दिल्ली में प्राइवेट काम करता था। विक्रम सुबह करीब 11.30 बजे वहां आए निक्कू (7) और आजाद (8) के साथ तालाब में नहाने गया था।
नहाने के दौरान वे गहरे पानी में चल गए, जिससे उनकी सांस फूलने लगी तो वे चिल्लाए। यह सुनकर तालाब किनारे बैठे युवक ने दोनों बच्चों को छलांग लगाकर पकड़ा और बाहर निकाल लिया। उन्हें तालाब की पाल पर बैठाकर विक्रम को भी बचाने के लिए गया तो वह नजर नहीं आया। फिर इसकी सूचना गांव में लक्ष्मी नारायण बैरवा को दी। यह सुनकर वह रोते हुए अन्य परिजन और रिश्तेदारों के साथ तालाब की ओर दौड़ा। इस दौरान दोपहर करीब सवा बारह बजे पुलिस भी तालाब पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से करीब एक घंटे में विक्रम के शव को ढूंढ निकाला। बाद में शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इसी के साथ मृतक के मामा की दो लड़कियों की देवउठनी एकादशी पर होने वाली शादी की खुशियां मातम में बदल गई। मौत की खबर मिलते भी मृतक और उसके मामा के घर कोहराम मच गया।
पिता की पहले ही हो चुकी है मौत...
ग्रामीणों के अनुसार मृतक विक्रम के पिता की भी गत सात ही चुकी है। मृतक परिवार में तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा बताया गया है। ये दो भाई थे, वह दिल्ली में प्राइवेट जॉब करता था। वह 3-4 दिन पहले अपने मामा की लड़कियों की देवउठनी एकादशी पर होने वाली शादी में आया था।