भीलवाड़ा के मांडल थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश और युवती को भगाने के संदेह में 10-12 लोगों ने एक परिवार पर प्राणघातक हमला कर दिया। आरोपियों ने परिवार के सदस्यों को पांच घंटे तक कड़ी धूप में बंधक बनाए रखा और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया। जबरन पेशाब पिलाने का प्रयास भी किया। पुलिस ने 10-12 नामजद लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह पूरी घटना 18 सितंबर को दोपहर करीब एक बजे की बताई जा रही है।
घर में घुसकर मारपीट
पीड़ित पक्ष की ओर से दी गई रिपोर्ट के अनुसार, 10-12 लोग हाथों में लाठियां, लोहे के सरिये और लकड़ियां लेकर अचानक मकान में दाखिल हो गए। आरोपियों ने एक युवक को जमीन पर पटककर लाठियों और सरियों से बर्बरतापूर्वक पीटना शुरू कर दिया। इस हमले में युवक की कमर और पैरों में गंभीर चोटें आईं तथा मुंह से खून बहने लगा। बीच-बचाव करने आए उसके माता-पिता के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की। हमलावरों ने परिवार की बहू का हाथ पकड़कर घसीटा और उसे जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाने का प्रयास किया। इसके अतिरिक्त, एक महिला के गले से सोने का मंगलसूत्र भी छीन लिया गया।
मंदिर परिसर में पांच घंटे बंधक बनाया
शोर-शराबा और चीख-पुकार सुनकर जब आसपास के ग्रामीण मौके पर एकत्र होने लगे, तो आरोपी पीड़ितों को घसीटते हुए पास ही स्थित चारभुजा नाथ मंदिर ले गए। वहां आरोपियों ने परिवार के सदस्यों को दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक कड़ी धूप में पेड़ से बांधकर रखा और उन्हें पीने के लिए पानी तक नहीं दिया। आरोप है कि हमलावरों ने एक पीड़ित को एकांत में ले जाकर अमानवीय कृत्य करते हुए जबरन पेशाब पिलाने का प्रयास भी किया। इसके साथ ही, मकान व जमीन के दस्तावेज अपने नाम करने अथवा 9,00,000 रुपये की मांग को लेकर दबाव बनाया गया। घटना की फोटो-वीडियो बनाने या पुलिस में गवाही देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
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पुलिस ने शुरू की जांच
घटना से दो-तीन दिन पूर्व आरोपियों द्वारा पीड़ित परिवार का सामाजिक बहिष्कार करवाने का आरोप भी सामने आया है। दुकानदारों को इस परिवार को कोई भी सामान न बेचने की हिदायत दी गई थी। पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है। मांडल थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच हेड कांस्टेबल श्यामसुंदर को सौंपी गई है।