घटना की जानकारी देते पुलिसकर्मी।
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भरतपुर में डिप्रेशन के चलते एक महिला ने एक बच्ची सहित सुजान गंगा नहर में छलांग लगा दी। महिला को नहर में कूदते देख आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से महिला और उसकी बच्ची को बाहर निकलवाया। तब तक वो दम तोड़ चुकी थीं। नहर में डूबने से दोनों की मौत हो गई।
भरतपुर के कोतवाली थाने के एएसआई चंद्रशेखर ने बताया कि कमला रोड स्थित बड़ा मोहल्ला निवासी योगिता (34 साल) पत्नी हीरा सिंह करीब पिछले 6 साल से डिप्रेशन का शिकार थी। जिसने रविवार दोपहर अपनी 10 वर्षीय बच्ची खूबी को साथ लेकर मनसा देवी के पास सुजान गंगा नहर में छलांग लगा दी। आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने महिला और बच्ची को बचाने के प्रयास शुरू किए और पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों और गोताखोरों ने नहर में उतरकर दोनों को बाहर निकाला। लेकिन नहर में डूबने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।
जानकारी मिलते ही परिजन घटना स्थल पर पहुंचे और दोनों के शवों को एक साथ देखकर चीख पुकार मच गई। परिजनों के रोने के साथ वहां मौजूद भीड़ की भी आंखें भी नम हो गई। जानकारी के मुताबिक महिला का पति मजदूरी करता है। महिला के एक बेटी थी और एक बेटा है। पुलिस ने दोनों मृतकों के शव को आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचा कर पोस्टमोर्टम की कार्यवाही कर शव परिजनों को सौंप दिया है।
सुजान गंगा नहर बनी सुसाइड पॉइंट
शहर के बीचों बीच स्थित ऐतिहासिक नहर सुजान गंगा कई सालों से सुसाइड पॉइंट बनती जा रही है। इस नहर में दिन प्रतिदिन कोई ना कोई हादसा होता रहता है। इस नहर के विकास के लिए कई बार जिला प्रशासन और नगर निगम के द्वारा बजट को लेकर, तो घोषणा कर दी है। लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। अगर प्रशासन इसकी ढंग से बाउंड्री वॉल करा दे, तो इस प्रकार की घटनाओं में कमी देखने को मिलेगी।