घटना के बाद कार्रवाई करती पुलिस।
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भरतपुर संभाग के डीग जिले के कुम्हेर थाना इलाके में जमीन विवाद को लेकर चाचा ने अपने साढ़ू और उसके बच्चों के साथ मिलकर अपने ही भतीजे की हत्या करवा दी। गोली मारने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। मृतक के परिवार और उसके चाचा के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जिसका राजीनामा भी हो चुका था।
घटना कुम्हेर के उसरानी गांव की है। मृतक के भाई वीरी सिंह ने पुलिस में शिकायत देते हुए बताया कि उसके चाचा सदन सिंह और उसके परिवार का जमीन को लेकर झगड़ा चल रहा था। दोनों में राजीनामा हो गया। 4 मई सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर सदन सिंह का साढ़ू सुखबीर निवासी उसरानी गांव वीरी सिंह के घर आया और वीरी सिंह से कहा तुमने मेरे बगैर सदन सिंह से कैसे राजीनामा कर लिया। राजीनामा मेरे हिसाब से होगा। वीरी सिंह ने सुखबीर से कहा कि हमारा आपस का झगड़ा था हमने आपस में बैठकर राजीनामा कर लिया। तुम्हें इससे क्या परेशानी है।
घर में घुसकर मारी युवक को गोली
इस पर सुखबीर गाली गलौच करने लगा और धमकी देकर गया कि मैं तुम्हे देख लूंगा। उसके बाद वह दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर दो गाड़ियां घर के बाहर आकर रुकीं, जिसमें सुखबीर अपने तीन बेटे मोरध्वज, पिंटू, हरिओम, टिंकू सदन और उसके लड़के सोनवीर, लवकुश कपिल सहित चार अन्य लोग वीरी सिंह के घर आए। सभी लोगों के लाठी, डंडे, कट्टा था। घर में घुसते ही सुखबीर के बेटे हरिओम ने मेरे छोटे भाई वीरपाल पर फायर कर दिया। वीरपाल के सीने में गोली लगी और वह जमीन पर गिर गया। उसके बाद पिंटू, रिंकू सहित सभी लोग फायर करने लगे। हमने वीरपाल को बचाने की कोशिश की तो सभी ने लाठी डंडों से हमारे परिवार पर हमला कर दिया।
गोलियों की आवाज सुन जब गांव के लोग मौके पर पहुंचे तो सभी लोग अपनी गाड़ियों से फरार हो गए। उसके बाद वीरपाल को तुरंत कुम्हेर के अस्पताल लेकर आए। यहां डॉक्टरों ने वीरपाल को मृत घोषित कर दिया।