भरतपुर जिले के डीग सदर थाना क्षेत्र में प्राचीन मंदिर की जमीन लीज पर लेने के चलते दो पक्षों में झगड़ा हो गया। एक पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने दूसरे पक्ष के तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जब तीनों आरोपी जेल से छूटकर घर आ रहे थे तो शिकायत करने वाले पक्ष ने तीनों पर फायरिंग करने के साथ इनके घर जाकर भी फायरिंग कर दी। इस फायरिंग में तीन लोग घायल हो गए, जिनमें से एक ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बल्कि दोनों घायलों का जयपुर के अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
हरवीर सिंह एएसआई ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव खोहरी निवासी ओमप्रकाश और हरिओम दो पक्ष है। जो गांव के प्राचीन मंदिर की जमीन को लीज पर लेने को लेकर दोनों में 10 दिन पहले विवाद हुआ था। ओमप्रकाश ने पुलिस को शिकायत दी और पुलिस ने प्रदीप, मोहन और गुलज़ार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गुरुवार शाम को यह तीनों जेल से छूटे थे। ओमप्रकाश और उनके साथियों ने इन्हें रास्ते में घेरकर फायरिंग कर दी। इस फायरिंग में प्रदीप घायल हो गया। साथ ही मोहन और गुलजार भाग निकले।
उसके बाद ओमप्रकाश ने हरिओम के घर जाकर फायरिंग कर दी, जिसमें हरिओम और गौरव घायल हो गए। सूचना मिलते ही डीग सदर थाना पुलिस पहुंची और घायलों को डीग अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने गंभीर हालत में तीनों को भरतपुर आरबीएम अस्पताल में भेजा। जहां 44 वर्षीय हरिओम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। साथ ही गौरव और प्रदीप को जयपुर रेफर कर दिया, जहां जयपुर के सरकारी अस्पताल में दोनों का इलाज जारी है।
मृतक व्यक्ति हरिओम सिंह के शव का पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। जानकारी के मुताबिक, गांव में एक प्राचीन मंदिर है, जिसकी 400 बीघा जमीन है। इसे प्रतिवर्ष मंदिर का पुजारी लीज पर देता है। इस साल इस जमीन को लीज पर ओमप्रकाश और हरिओम लेना चाहते थे। दोनों में इसी बात को लेकर विवाद हुआ था।