फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bikaner News: मुहर्रम की तैयारियों में जुटे कलाकार, बेजोड़ कारीगरी और दिलकश नक्काशियों से तैयार कर रहे ताजिए

Mon, 08 Jul 2024 05:10 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर

सार

मुहर्रम इस्लाम धर्म में विश्वास करने वाले लोगों का एक प्रमुख दिन है। मुहर्रम की 10वीं तारीख को यौम-ए-आशूरा के नाम से जाना जाता है, जो इस साल 17 जुलाई को होगा। बीकानेर के बनाये गए ताजिये पूरी दुनिया में विख्यात हैं। कलाकार सोने-चांदी सहित कई तरह की कलम की नक्काशी से ताजिये तैयार करते हैं।
विज्ञापन
ताजिया तैयार करते कलाकार। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देशभर में मुस्लिम समुदाय 17 जुलाई को मुहर्रम का त्योहार मनाएगा। इसको लेकर बीकानेर में मुस्लिम समाज के कारीगर ताजिया बनाने में जुटे हुए हैं। बीकानेर के मुस्लिम मोहल्ले में कलाकारों और बच्चे हर बार ताजिए बनाते हैं।

विज्ञापन




दरअसल मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना माना जाता है। हिजरी सन का आरंभ भी इसी महीने से होता है। इस महीने को इस्लाम के चार पवित्र महीनों में शुमार किया जाता है। अल्लाह के रसूल हजरत मुहम्मद (सल्ल.) ने इस महीने को अल्लाह का महीना कहा है। साथ ही इस महीने में रोजा रखने की खास अहमियत बयान की है। मुहर्रम इस्लाम धर्म में विश्वास करने वाले लोगों का एक प्रमुख दिन है। मुहर्रम की 10वीं तारीख को यौम-ए-आशूरा के नाम से जाना जाता है, जो इस साल 17 जुलाई को होगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन




ताजिए सोने-चांदी की कलम की नक्काशी सहित मेहंदी, कांच, लकड़ी और कागज की चादर से बनाए जाते हैं। दो दिनों तक मुस्लिम समुदाय के लोग मुहर्रम का त्योहार मनाएंगे इसके बाद ताजियों को कर्बला में ठंडा किया जाता है। वहीं बीकानेर के कलाकार बड़ी शिद्दत से ताजा बनाने में जुटे हुए हैं। बीकानेर की उस्ता कला से लेकर बेजोड़ कारीगरी के नमूने इन ताजियों के निर्माण में इस्तेमाल किए जाते हैं, जो अपने आप में विख्यात हैं।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें