भरतपुर के डीग उपखंड के खोह गांव में एक दर्दनाक हादसा हो गया। बकरियां चराने गए तीन मासूम बच्चों में से दो की नहर में डूबने से मौत हो गई, जबकि एक बच्ची गंभीर हालत में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। घटना से पूरे गांव में मातम का माहौल है।
बकरी बचाने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, बेढम से बरसाना रोड निर्माण कार्य के दौरान नहर के पास मिट्टी खोदने से एक गहरा गड्ढा बन गया था। बरसात का पानी भर जाने से यह गड्ढा छोटे तालाब जैसा हो गया। खोह गांव निवासी रोहित पुत्र रामेश्वर प्रजापत, आदिल पुत्र शहजाद मेव और रितु पुत्री रामेश्वर प्रजापत रविवार को बकरियां चराने इसी इलाके में पहुंचे थे। इस दौरान एक बकरी पानी पीने के लिए नहर में उतर गई। उसे निकालने के लिए पहले रोहित पानी में उतरा, लेकिन गहराई का अंदाजा न लग पाने के कारण वह डूबने लगा। रोहित को डूबता देख रितु और आदिल भी उसे बचाने के लिए पानी में कूद गए। देखते ही देखते तीनों बच्चे पानी में संघर्ष करने लगे।
दो मासूमों की मौत, एक बच्ची रेफर
चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़े और तीनों को नहर से बाहर निकाला। तत्काल उन्हें डीग चिकित्सालय ले जाया गया। चिकित्सा प्रभारी डॉ. गजेन्द्र पाल सिंह ने रोहित और आदिल को मृत घोषित कर दिया। वहीं, रितु की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे भरतपुर रेफर किया गया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
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प्रशासन जांच में जुटा
हादसे की खबर मिलते ही डीग उपखंड अधिकारी देवीसिंह और खोह थाना पुलिस मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। प्रशासन ने पूरी घटना की जांच शुरू कर दी है। गांव में अचानक हुई इस त्रासदी से शोक की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान बने गड्ढों को पाटने या सुरक्षित करने के पुख्ता इंतजाम न होने से ऐसी घटनाएं बार-बार घट रही हैं।
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