राजस्थान विधानसभा में सोमवार को पूर्व मंत्री और भरतपुर विधायक डॉ. सुभाष गर्ग ने भरतपुर से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग को और सशक्त बनाने की जोरदार मांग उठाई। उन्होंने नियम 293 के तहत विशेष उल्लेख प्रस्ताव रखते हुए कहा कि एनएच-21 और एनएच-123 के ऊंचा नगला क्रॉसिंग से यमुना एक्सप्रेस वे तक फोरलेन/ग्रीन एक्सप्रेस वे मार्ग का निर्माण बेहद जरूरी है।
पर्यटन और परिवहन के लिहाज से भरतपुर का महत्व
डॉ. गर्ग ने सदन के पटल पर बोलते हुए कहा कि भरतपुर लोहागढ़ एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र है। यहां स्थित विश्व प्रसिद्ध केवला देव राष्ट्रीय उद्यान (घना पक्षी विहार) रोजाना हजारों देशी-विदेशी सैलानियों को आकर्षित करता है। भरतपुर को राजस्थान का पूर्वी द्वार कहा जाता है और यह परिवहन के लिहाज से भी अहम है।
उन्होंने कहा कि भरतपुर की दिल्ली, नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन जैसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों से मजबूत कनेक्टिविटी बेहद आवश्यक है। इसके लिए ऊंचा नगला भरतपुर से होकर निकलने वाला नया फोरलेन मार्ग यमुना एक्सप्रेस वे को जोड़ेगा और एनएच-44 तथा एनएच-23 से भी संपर्क स्थापित करेगा।
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केंद्र सरकार से स्वीकृति की मांग
डॉ. गर्ग ने कहा कि भरतपुर को अंतरराष्ट्रीय परिवहन के लिहाज से विकसित करने के लिए यह फोरलेन/ग्रीन एक्सप्रेस वे एक बड़ी सौगात साबित होगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार से स्वीकृत कराने की दिशा में पहल की जाए।
पर्यटन, व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
डॉ. गर्ग ने बताया कि यदि यह मार्ग बनता है तो भरतपुर के साथ ही मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन और आगरा जैसे धार्मिक व ऐतिहासिक स्थल भी लाभान्वित होंगे। इससे पर्यटन को नई ऊंचाई मिलेगी, व्यापार और उद्योग का दायरा बढ़ेगा और किसानों की कृषि उपज के लिए भी बेहतर बाजार उपलब्ध होगा। साथ ही, रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और पूर्वी राजस्थान का विकास नई गति से आगे बढ़ेगा।
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