राजस्थान में गुर्जर समाज एक बार फिर एमबीसी आरक्षण और देवनारायण योजना की खामियों को लेकर मुखर हो गया है। समाज के भीतर बढ़ते असंतोष के बीच रविवार को बयाना के पीलूपुरा स्थित शहीद स्मारक स्थल पर महापंचायत बुलाई गई है। यह महापंचायत आरक्षण की मौजूदा स्थिति और योजनाओं की वास्तविकता को लेकर अहम फैसलों का मंच बन सकती है।
गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैसला ने शनिवार को महापंचायत स्थल का दौरा किया और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 17 साल की लड़ाई के बाद हमें सिर्फ दो चीजें मिलीं 2019 में 5% एमबीसी आरक्षण और देवनारायण योजना, वो भी केवल कागजों पर। वास्तविक लाभ न के बराबर है। आरक्षण को सुप्रीम कोर्ट में दी गई प्राथमिकता के अनुरूप लागू नहीं किया जा रहा। न छात्रवृत्तियां मिल रही हैं, न पारदर्शिता दिख रही है।
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बैसला ने कहा कि वे समाज की ओर से एक अंतिम मसौदा प्रशासन को 11 बजे तक सौंपेंगे। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो मैं 1 बजे से सड़क पर मंत्रालय बांटना शुरू कर दूंगा, चाहे रेल मंत्रालय हो या सड़क मंत्रालय, हर रोड पर समाज का आदमी होगा। दौसा हो या सिकंदरा, कोई नहीं बचेगा।
ये हैं समाज की प्रमुख मांगें
-एमबीसी आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल किया जाए।
-2019 के समझौतों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
-5% आरक्षण का पारदर्शी और समान वितरण सुनिश्चित किया जाए।
-देवनारायण योजना का लाभ पात्र छात्रों तक पहुंचे।
-आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे बिना शर्त वापस लिए जाएं।
-शहीदों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।
प्रशासन सतर्क, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
महापंचायत को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पुलिस, जीआरपी, आरपीएफ और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी मौके पर तैनात हैं। जिला पुलिस लाइन व थानों से अतिरिक्त बल बुलाया गया है। अधिकारी लगातार निगरानी में जुटे हैं ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रहे।