पथराव में घायल पुलिस कांस्टेबल।
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भरतपुर जिले में कुशवाहा, काछी, सैनी, माली समाज 12 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर शुक्रवार देर शाम हलेना-वैर रोड बंद किए गए। शुक्रवार को दिन में आंदोलनकारियों को पुलिस ने आंदोलन स्थल पर आने नहीं दिया और हाईवे से दूर रखा। जैसे ही शाम हुई वैसे ही आंदोलनकारी हाईवे पर पहुंच गए। इस दौरान अंधेरा हो चुका था और इसी अंधेरे का फायदा उठाकर आंदोलनकारियों ने पुलिस पर जमकर पथराव कर दिया। अचानक हुए हमले के बाद पुलिस फोर्स को पीछे हटना पड़ा और इसी हमले में हलेना थाने पर तैनात कॉन्स्टेबल रामेश्वर सिंह बेस्ट नंबर 1492 के सर पर पत्थर लगे। उसका लेफ्ट साइड का जबड़ा फट गया, जिसके बाद घायल हुए पुलिसकर्मी को हलेना चिकित्सालय ले जाया गया। ज्यादा ब्लीडिंग होने के चलते उसे भरतपुर ले जाया गया जहां पर उसे देर रात राज ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। घायल हुए रामेश्वर सिंह ने बताया कि अचानक आंदोलनकारी खेतों में होते हुए हाईवे पर पहुंच गए और उन्होंने पथराव करना शुरू कर दिया। भागने की कोशिश के दौरान पत्थर मेरे गाल पर लगा। हमले में मेरी आंख बाल-बाल बच गई, लेकिन मेरा मुंह का जबड़ा फट गया।
हाईवे पर अभी लगा हुआ है जाम रात भर डटे रहे आंदोलनकारी
आगरा-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 21 पर अभी यातायात सुचारू नहीं हो पाने से इस मार्ग पर वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला जा रहा है। पुलिस व प्रशासन की समझाइश के बाबजूद राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी संख्या में कुशवाह, काछी, सैनी, माली समाज के आंदोलनकारियों की जमा भीड़ के पुलिस के साथ टकराव की आशंका तथा सोशल मिडिया पर आंदोलन की स्थिति से लोगो को दूर रखने के लिए आंदोलन स्थल तथा उसके आसपास के क्षेत्रों में इंटरनेट बंद कर दिया है।
बताया गया है कि कुशवाह, काछी, सैनी, माली समाज प्रदेश आरक्षण संघर्ष समिति ने हाईबे पर ही वार्ता की अपनी जिद को दोहराते कहा है कि वार्ता से पहले उनके गिरफ्तार नेताओं को नहीं छोड़ा गया तो अब पूरे प्रदेश में चक्का जाम किया जाएगा। इस बीच शुक्रवार को दिन भर पुलिस तथा आंदोलनकारियों के बीच चलती रही मुठभेड़ व पत्थरबाजी में भीड़ को नियंत्रित व तितर-बितर करने के लिए पुलिस को कई बार आंसू गैस छोडकर लाठी चार्ज करना पड़ा लेकिन इसका आंदोलनकारियों की भीड़ पर कोई असर नजर नहीं आया और उन्होंने देर शाम को हाईवे जाम कर दिया।
पुलिस ने कई वाहनों को पकड़ा
पुलिस ने मौके से एक ट्रैक्टर, एक जुगाड़ और एक ऑटो को जब्त करने की जानकारी भी प्रदान की है। बताया गया है कि हालात को देखते हुए उच्च प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा मौके पर सतत निगरानी रखी जा रही है। इस बीच आंदोलनकारियों ने दाबा किया है कि उनके इस आरक्षण आंदोलन में समर्थन के लिए अन्य राज्यो के साथ पड़ोसी जिलो से भी उनके समाज के लोगो का धरनास्थल पर पहुचना शुरू हो गया है।