भरतपुर निवासी रुद्रांश खंडेलवाल साल 2018 में शहर के एक मैरिज होम में शादी समारोह में भाग लेने गए थे। यहां चल रही आतिशबाजी में हादसे का शिकार हो गए और एक पैर उन्हें गंवाना पड़ा। हादसे के बाद रिकवरी में जहां लोग दो से तीन साल लगा देते हैं, वहीं रुद्रांश ने एक खिलाड़ी के तौर पर अपने अंदर बसे जुनून को बरकरार रखते हुए घटना के बाद शूटिंग को अपनाया और विभिन्न प्रतियोगिताओं में एक के बाद एक मेडल रुद्रांश ने जीते हैं।
बता दें कि हाल ही में मध्यप्रदेश में इंदौर के महू सिटी में पैरा ओलंपिक कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित तीसरी पैराशूटिंग नेशनल प्रतियोगिता में रुद्रांश ने शूटिंग की विभिन्न स्पर्धाओं में आठ मेडल अपने नाम कर देश में राजस्थान और भरतपुर का नाम रोशन किया है।
आठ मेडल में से छह गोल्ड और दो सिल्वर मेडल प्राप्त करने के साथ ही रुद्रांश ने 50 मीटर पैराशूटिंग नेशनल स्पर्धा में पिछले पांच साल का रिकॉर्ड भी तोड़ डाला है। इंदौर में ही आयोजित हुई प्री नेशनल स्पर्धाओं में रुद्रांश में दो गोल्ड और एक कांस्य पदक अपने नाम किया है। अब तक रुद्रांश खंडेलवाल 11 पदकों पर कब्जा जमा चुका है और सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो पैरा ओलंपिक में भी रुद्रांश भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
रुद्रांश का जोरदार स्वागत...
भरतपुर आगमन पर रुद्रांश का भरतपुरवासियों और परिजनों की ओर से जोरदार स्वागत किया गया। खुली जीप में बिठाकर बैंड बाजे के साथ रुद्रांश खंडेलवाल का विजयी जुलूस निकाला गया। जगह-जगह भरतपुरवासियों ने साफा-माला पहनाकर रुद्रांश का जोरदार स्वागत किया। रुद्रांश ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है।