भरतपुर जिले में कामां थाना क्षेत्र के गांव सबलाना में मंगलवार देर रात दलित परिवार की बारात निकासी के दौरान विवाद हो गया। परिवार ने सरपंच परिवार पर मारपीट करने का भी आरोप लगाया है। वहीं, सरपंच ने सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा, दलित समाज की जब भी कोई शादी होती है वह सभी मिलजुल कर सहयोग करते हैं। शादी में विवाद के दौरान वे मौजूद नहीं थे।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात गांव सबलाना में दलित विधवा महिला की बेटी की शादी का कार्यक्रम था। नोनेरा गांव से बारात सबलाना गांव पहुंची। गांव के मुख्य मार्गों से होकर बारात की निकासी निकाली जा रही थी। इस दौरान सरपंच सहित अन्य लोगों ने डीजे बजाने से मना कर दिया। इसके बाद मौके पर विवाद हो गया, जिसमें तीन लोग घायल हो गए। तीनों घायलों को राजकीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। एक की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पीड़ित ने बारात से नगदी और जेवरात लूटकर ले जाने के आरोप लगाए हैं।
सरपंच और उनके परिजन मौजूद नहीं थे...
घटना की सूचना मिलते ही कामां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश कर मामले को शांत करवाया। घटना को लेकर सबलाना गांव के सरपंच प्रतिनिधि सूबेदार ने बताया कि मंगलवार देर रात दलित समाज की निकासी निकल रही थी। इस दौरान सरपंच और उनके परिजन मौजूद नहीं थे। विवाद की सूचना मिलने के बाद दलित समाज के लोगों से वार्ता की गई है। जब-जब दलित समाज के शादी विवाह के कार्यक्रम होते हैं, सभी लोग मिलजुल कर उनका सहयोग करते हैं।
अपमानित करने और मारपीट के जो भी आरोप लगे हैं, वह बेबुनियाद हैं। घटना को लेकर थानाधिकारी रामकिशन यादव ने बताया कि बारात निकासी निकालने के दौरान विवाद होने की सूचना पर पुलिस जाप्ता भिजवाया गया था। दोनों पक्षों से समझाइश कर मामले को शांत करा दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।