ट्रेन की छत पर यात्रा करना रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 156 के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसा करने पर तीन महीने तक की जेल, 500 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
रेल प्रशासन ने रामदेवरा मेले में जाने वाले जातरुओं और यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। जोधपुर मंडल के सभी रेलमार्गों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है, इसलिए ट्रेन या बसों की छत पर बैठकर यात्रा करना जानलेवा हो सकता है।
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उत्तर पश्चिम रेलवे जोधपुर मंडल के डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि विद्युतीकृत तारों में 25 हजार वॉल्ट का करंट प्रवाहित हो रहा है। ऐसे में छत पर बैठना जानलेवा साबित हो सकता है। इस संबंध में आरपीएफ को विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। सड़क मार्ग से रामदेवरा जाने वाले यात्रियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासकर लेवल क्रॉसिंग पार करते समय तारों के संपर्क से बचने की चेतावनी दी गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में अनारक्षित ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। यात्री सुरक्षित यात्रा के लिए उचित माध्यमों से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
हो सकती है तीन महीने की जेल
ट्रेन की छत पर यात्रा करना रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 156 के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसा करने पर तीन महीने तक की जेल, 500 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।