फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan: बेटियों की बिंदौरी निकाली, पंचायत ने परिवार का हुक्का पानी किया बंद, मां-बेटे ने दी आत्मदाह की धमकी

Thu, 20 Apr 2023 04:25 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

बाड़मेर के सिवाना में दलित समाज की दो दुल्हनों की बिंदौरी घोड़ी पर निकालने पर खाप पंचायत ने परिवार काे समाज से बहिष्कृत कर और हुक्का पानी बंद किया और आर्थिक दंड भी लगा दिया। इससे आहत दुल्हनों के भाई और मां ने अब आत्मदाह की चेतावनी दे दी है। पीड़ित मां और बेटे का आरोप है कि केस दर्ज कराने के बाद भी पुलिस पंचायत के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है।
विज्ञापन
मां और बेटे ने दी आत्मदाह की चेतावनी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश दुनिया में बेटियों को बेटों के बराबर हक देने की बातें कही जा रही है और बेटियां भी किसी भी मामले में बेटों से पीछे नहीं हैं। लेकिन बाड़मेर में अब भी कुछ रूढ़िवादी और संकीर्ण मानसिकता के लोगों को इस तरह का बदलाव आंखों में फूटे नहीं सुहा रहा है। इसी का ताजा उदाहरण सिवाना क्षेत्र का यह मामला है।

विज्ञापन


बाड़मेर जिले के सिवाना क्षेत्र के एक गांव में शादी में बहनों को घोड़ी पर चढ़ाकर बंदौली निकालने से नाराज पंचों ने परिवार का हुक्का पानी बंद करते हुए उनपर आर्थिक दंड नहीं भरने के बाद समाज से बहिष्कृत करने से आहत भाई और विधवा मां ने आत्मदाह की चेतावनी दी है।

क्या है पूरा मामला ?
सिवाना क्षेत्र के मेली निवासी शंकराराम पुत्र थानाराम अपने माँ-बाप का इकलौता बेटा है उसके पिता का देहांत कुछ साल पहले हो गया था। 4 बहनों की शादी पिता ने कर दी थी बाकी दो बहनों की शादी वो धूमधाम करना चाहता था, ताकि बहनों को पिता की कमी महसूस न हो। छह फरवरी 2023 को की थी शादी प्रोग्राम में बहनों की बिंदौली रिवाजों से अलग हटकर घोड़ी पर निकाली थी, क्योंकि उसका मानना था कि लड़का-लड़की बराबर हैं, आज बेटियां भी हर काम में बराबरी का अधिकार रखती हैं। इससे समाज में भी एक अच्छा संदेश जाएगा।लेकिन उसको नहीं पता था कि जो पॉजिटिव मैसेज वह समाज में देना चाह रहा है, वह उसके अपने ही समाज के पंच पटेलों को रास नहीं आएगा।
विज्ञापन


विज्ञापन


खाप पंचायत ने कर दिया परिवार का हुक्का पानी बंद
समाज के पंचों को लड़कियों घोड़ी पर बिठाना और बंदौली निकालकर लड़कियों की शादी करना नागवार गुजरा और शादी के करीब ढाई महीने बाद पंचों ने सिवाना में खाप पंचायत बुलाई। बहनों के भाई को भी बुलाया और परिवार को समाज से बहिष्कृत करने का तुगलकी फरमान सुना दिया। 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया। पूरे समाज को पाबंद किया कि कोई इसके परिवार से किसी प्रकार का कोई रिश्ता, आना-जाना और बोलचाल नहीं रखे। समाज से बहिष्कृत होने के बाद पीड़ित परिवार ने खाप पंचायत के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया । लेकिन खाप पंचायत के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं होने के चलते पीड़ित ने अपनी विधवा मां के साथ आत्मदाह की चेतावनी दी है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें