पानी को तरसते पशुधन ने प्यास से दम तोड़ा
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जिले में भीषण गर्मी के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में पानी का संकट लगातार गहराता जा रहा है। इसका असर अब इंसानों के साथ-साथ बेजुबान जानवरों पर भी दिखाई देने लगा है। रामसर उपखंड के देरासर गांव से सामने आए एक वीडियो ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। वीडियो में पानी की तलाश में जलकुंड तक पहुंचे गोवंश के शव दिखाई दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों का दावा है कि गांव में पानी की भीषण किल्लत के कारण अब तक करीब 10 गोवंश की मौत हो चुकी है। एक गाय का शव सूखे पड़े जलकुंड के अंदर मिला, जिसे देखकर ग्रामीण भावुक हो उठे। ग्रामीणों का कहना है कि पानी की तलाश में भटकते हुए गोवंश कुंड तक पहुंचे लेकिन वहां भी पानी नहीं मिला और प्यास से तड़प-तड़पकर उनकी मौत हो गई। सोशल मीडिया पर सोमवार को वायरल हुए वीडियो में जलकुंड के आसपास कई मृत गोवंश दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन पर समय रहते पानी की व्यवस्था नहीं करने का आरोप लगाया है।
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गांव के सरपंच (प्रशासक) अरसद राजड़ ने बताया कि नहर का पानी बंद होने के कारण गांव में गंभीर जल संकट पैदा हो गया है। भूमिगत जल स्रोत भी लगभग सूख चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब तक गांव में छह गायों की मौत हो चुकी है। प्रशासन को तुरंत पानी की व्यवस्था करनी चाहिए।
वहीं उपखंड अधिकारी रामलाल मीणा ने बताया कि देरासर गांव में गोवंश की मौत के मामले में तहसीलदार से रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही जलदाय विभाग के अधिकारियों से बात कर पानी के टैंकर भेजे गए हैं।
जलदाय विभाग के एससी हजारीराम बालवा के अनुसार ग्रामीणों की शिकायत मिलने के बाद गांव में पानी पहुंचाने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि बाड़मेर लिफ्ट कैनाल से रामसर ब्लॉक के 37 गांव जुड़े हुए हैं, जिनमें देरासर गांव भी शामिल है। हालांकि पिछले एक महीने से कैनाल बंद होने के कारण नियमित जलापूर्ति प्रभावित रही है।