बचपन से शिक्षिका बनने की चाह रखने वाली बाड़मेर निवासी आरती बोथरा अब सांसारिक मोह-माया त्यागकर संयम के मार्ग को अपनाने जा रही हैं। आगामी 16 फरवरी को मुमुक्षु आरती बोथरा गुरुवर्या बहिन म. डॉ. विद्युत्प्रभाश्रीजी म.सा की निश्रा में दीक्षा ग्रहण करेंगी, इसे लेकर उनके परिवार में तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
दीक्षा ग्रहण करने जा रही आरती बोथरा के अनुसार, उनके परिवार में माता-पिता, एक बहन और दो भाई हैं। वे बी.कॉम. फाइनल तक पढ़ चुकी हैं और बचपन से ही शिक्षिका बनने की इच्छा थी लेकिन 2018 में अचानक वैराग्य का भाव जागृत हुआ, जिससे उनके मन में दीक्षा लेने की तीव्र इच्छा उत्पन्न हुई। इसके बाद उन्होंने लगभग दो वर्षों तक महाराज सा. की निश्रा में ज्ञान और धर्म की शिक्षा ग्रहण की। हालांकि परिवार की स्वीकृति पाने के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा।
आरती बताती हैं कि उन्होंने पंच प्रतिक्रमण, अट्ठाई, गणधर तप, उपधान आदि कई तप किए और लगभग 1500 किलोमीटर की विहार यात्रा भी पूरी की। इस दौरान उनके मन में दीक्षा ग्रहण करने का संकल्प और अधिक मजबूत हो गया और माता-पिता की स्वीकृति मिलने के बाद उनकी राह आसान हो गई।
आरती अपने परिवार की पहली लड़की हैं, जो दीक्षा ग्रहण करने जा रही हैं। उनका मानना है कि संसारिक जीवन में कुछ भी स्थाई नहीं है, केवल संयम ही जीवन का असली कल्याण कर सकता है। उनके इस निर्णय के बाद उनका परिवार भी धर्म से गहराई से जुड़ गया है। 16 फरवरी को होने वाले दीक्षा समारोह को लेकर श्रद्धालुओं और परिवारजनों में उत्साह बना हुआ है।