बारां पॉक्सो कोर्ट-2 ने करीब सात साल पुराने नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी शिक्षक को 10 साल का कठोर कारावास और दस लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
विशिष्ठ लोक अभियोजक हरिनारायण सिंह ने बताया, 10 नवंबर 2016 को फरियादी ने अपनी पुत्री के साथ अंता थाना पर रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसमें बताया था कि वह थाना क्षेत्र के एक का निवासी है। उसकी नाबालिग बेटी कक्षा नौ की छात्रा है, जो गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ती है। उसके साथ विद्यालय में कार्यरत वरिष्ठ अध्यापक विश्वेन्द्र मीणा ने दुष्कर्म किया, जिसकी आरोपी शिक्षक ने वीडियो रिकार्डिंग कर ली। उसके आधार पर वह नाबालिग बेटी को ब्लैकमेल कर रहा है। साथ ही यौन शोषण के लिए दबाव बनाता है। पीड़िता को यौन शोषण से मना करने पर फेल करने की धमकी देता है।
इस पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में मामला दर्जकर जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी बूंदी के गैंडोली निवासी विश्वेन्द्र पुत्र जसवीर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अनुसंधान पूर्ण कर न्यायालय में आरोपी के खिलाफ चालान पेश किया। विचारण गवाहों की साक्ष्य लेखबद्ध की गई। पॉक्सो कोर्ट क्रम-2 के विशिष्ठ न्यायाधीश राजेश गुप्ता आरएचजेएस ने बुधवार को नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी शिक्षक को 10 साल का कठोर कारावास और दस लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।