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Banswara: अपर हाई लेवल कैनाल के शिलान्यास को लेकर BJP-कांग्रेस में ठनी, अलग-अलग स्थान पर रखी जानी है नींव

Fri, 11 Apr 2025 09:16 PM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा

सार

विधायक अर्जुन सिंह बामनिया ने कहा कि इस कैनाल की स्वीकृति पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा दी गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और तत्कालीन जल संसाधन मंत्री महेंद्र जीत सिंह मालवीया ने 12 जून 2023 को इसका शिलान्यास कर आधारशिला भी रखी थी।
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माही बांध (इसका पानी असिंचित क्षेत्र में ले जाने के लिए अपर हाई लेवल कैनाल का निर्माण होना है) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बांसवाड़ा जिले में असिंचित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हजारों करोड़ की लागत से बनने वाली अपर हाई लेवल कैनाल के शिलान्यास का कार्यक्रम शनिवार को प्रस्तावित है। लेकिन इससे पहले ही भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के आलानेताओं के बीच बयानबाजी से राजनीतिक पारा चढ़ गया है।

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अपर हाई लेवल कैनाल के शिलान्यास को लेकर शनिवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत, जनजाति विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी सहित पूर्व जल संसाधन मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया, भाजपा जिला अध्यक्ष पूंजीलाल गायरी आदि नेता पहुंचेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, बागीदौरा क्षेत्र के बारी में नहर की 46 किमी पर टनल,  सज्जनगढ़ में नहर के किमी 71 पर ऑपन कैनाल सेक्शन का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद रोहनिया में नहर के किमी 102 डिग्गी तथा फलवा (आनंदपुरी) नहर के किमी 95 पर पाइप लाइन एवं एचडीपीई का शिलान्यास होना है। इसके लिए जल संसाधन विभाग और भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी की ओर से तैयारी भी पूरी कर दी गई है।

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कांग्रेस ने जताई आपत्ति
इधर, अपर हाई लेवल कैनाल के शिलान्यास को लेकर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। विधायक अर्जुनसिंह बामनिया ने कहा कि इस कैनाल की स्वीकृति पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा दी गई थी तथा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और तत्कालीन जल संसाधन मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने 12 जून 2023 को इसका शिलान्यास कर आधारशिला भी रखी थी। आधारशिला के तुरंत बाद से उक्त कैनाल पर संबंधित विभाग द्वारा पिछले एक साल से कार्य जारी है, जिसमें कई किसानों की भूमि और उनके मकान पर काम किया जा रहा है। उनकी फसल नष्ट की गई। इतना समय बीत जाने के बाद भी जिन लोगों की भूमि और मकान पर कार्य किया गया या किया जाना है, उनको नियम से मुआवजा नहीं मिला है। इसी स्थिति में जिन-जिन पंचायत में कैनाल निकलनी है, वहां सभी किसान मुआवजा नहीं मिलने से आक्रोशित हैं और उनके द्वारा विरोध किया जाएगा।

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गलत परंपरा, शिष्टाचार के खिलाफ
उन्होंने कहा कि पूर्व में स्वयं शिलान्यास करने के बाद भी तत्कालीन मंत्री भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद राजनीतिक लाभ लेने तथा लोगों को भ्रमित करने की नियत से राजस्थान सरकार के मंत्री, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के साथ 12 अप्रैल को पुनः शिलान्यास कर रहे हैं, जो गलत परम्परा और शिष्टाचार के विरुद्ध है।

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दोबारा शिलान्यास अनुचित
कार्यकारी अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कैनाल की आधारशिला रखी, शिलान्यास किया, उनका भी अपमान किया जा रहा है। इस कृत्य से जनता में काफी रोष है। जो शिलान्यास एक बार हो चुका है, उसी का पुनः शिलान्यास करना अनुचित है।  शिलान्यास कार्यक्रम कांग्रेस पार्टी द्वारा विरोध किया जाएगा। पार्टी प्रवक्ता इमरान खान पठान ने जानकारी दी कि इसे लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन भी दिया गया है। इस दौरान विधायक अर्जुन सिंह बामनिया, नानालाल निनामा, रमिला खड़िया, पूर्व सभापति राजेश टेलर, नगर अध्यक्ष धर्मेंद्र तेली, नवाब फौजदार, डायालाल गर्ग आदि मौजूद रहे।

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