लोकसभा चुनाव में बांसवाड़ा-डूंगरपुर सीट और विधानसभा चुनाव में बागीदौरा, चौरासी, आसपुर और धरियावद सीट जीतने के बाद अब भारत आदिवासी पार्टी ने नगर निकाय चुनाव में अपना भाग्य आजमाया है। बाप ने राज्य के सात जिलों में 107 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इस निकाय चुनाव में बाप अब भाजपा और कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाने की कोशिश करने जा रही है।
नगर निकाय के चुनाव में पहली बार भारत आदिवासी पार्टी ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इसमें सबसे अधिक 20 उम्मीदवार बांसवाड़ा नगर परिषद में और सबसे कम पाली में एक प्रत्याशी खड़ा किया है। पार्टी के अध्यक्ष मोहनलाल रोत ने कहा कि पार्टी ने पहली बार नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिका में अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं। इसके साथ ही पार्टी शहरी क्षेत्रों में अपना जनाधार बढ़ाने का प्रयास करेगी।
जिलेवार उतारे प्रत्याशी
बीएपी ने बांसवाड़ा नगर परिषद में 20, गढ़ी में 12, कुशलगढ़ में 7, डूंगरपुर में 12, सागवाड़ा में 14, उदयपुर में 9, सलूम्बर में 3, पाली में एक, सिरोही में 4, प्रतापगढ़ में 6, रेवदर में 4, सादड़ी में 2, अरनोद में 3 और धरियावद में 10 उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है।
ये भी पढ़ें: उदयपुर: 6 नगर निकायों में चुनावी मुकाबला तेज, 845 प्रत्याशी मैदान में, 3 सितंबर तक होगी नाम वापसी
वागड़ में मुस्लिम प्रत्याशी अधिक
वागड़ क्षेत्र में बांसवाड़ा और डूंगरपुर दो नगर परिषद हैं। बांसवाड़ा नगर परिषद में पार्टी ने 60 में से 20 वार्डों उम्मीदवार उतारे हैं, जिनमें 10 मुस्लिम हैं। इसी तरह डूंगरपुर नगर परिषद के लिए 40 में से 12 वार्डों में उम्मीदवार उतारे हैं जिनमें 7 मुस्लिम हैं। इसके अलावा कुशलगढ़, परतापुर-गढ़ी व सागवाड़ा में भी बाप ने मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुस्लिम समुदाय लंबे समय से वागड़ में कांग्रेस का समर्थक रहा है। इस बार चुनाव में बाप ने मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। इससे वोटों का बंटवारा होने की संभावना है। वहीं अन्य जिलों में भी बाप अल्पसंख्यक वर्ग को साधने के साथ अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है।