मंत्री मीणा ने कहा कि सरकार सिंगल सुपरफॉस्फेट खाद के 50 किलो के बैग पर 328 रुपए की सब्सिडी दे रही है। इसके बावजूद इसमें घटिया गुणवत्ता का रॉक फॉस्फेट उपयोग किया जा रहा है। यह किसानों के साथ अन्याय और लूट है।
राजस्थान के कृषि मंत्री इन दिनों एक्शन मोड में हैं। गुरुवार को कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने उमरड़ा स्थित ऑर्गेनिक खाद बनाने वाली फास्फोरस कंपनी में छापा मारा। उन्होंने वहां खाद के सैंपल लिए और कहा कि मिलावट कर खाद तैयार की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने उमरड़ा में आसपास की अन्य फैक्टरियों की भी पड़ताल की।
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उमरड़ा स्थित पटेल फास्फोरस कंपनी में मंत्री मीणा ने खाद के सैंपल हाथ में लेकर कहा कि इसमें मिलावट की गई है। उन्हें सूचना मिली थी कि ऑर्गेनिक खाद में मिलावट कर उसे बेचा जा रहा है। मई माह में लिए गए सैंपल भी अमानक पाए गए थे। केंद्र सरकार की टीम ने भी यहां जांच की थी। छह महीने की सब्सिडी भी निलंबित की जा चुकी है, इसके बावजूद ये लोग अनियमितता बरत रहे हैं।
मंत्री मीणा ने कहा कि सरकार सिंगल सुपरफॉस्फेट खाद के 50 किलो के बैग पर 328 रुपए की सब्सिडी दे रही है। इसके बावजूद इसमें घटिया गुणवत्ता का रॉक फॉस्फेट उपयोग किया जा रहा है। यह किसानों के साथ अन्याय और लूट है। एक ओर सब्सिडी ली जा रही है और दूसरी ओर घटिया खाद बनाकर किसानों को ठगा जा रहा है।
12 मई को लिए गए सैंपल में 14.5 प्रतिशत की बजाय केवल 8.5 प्रतिशत फास्फोरस पाया गया। 14 मई को लिए गए सैंपल में 6.36 प्रतिशत और 30 अप्रैल को लिए गए सैंपल में 7.2 प्रतिशत फास्फोरस तत्व ही मिला। खाद कंपनियों को अपने उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार लाना होगा। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने अजमेर जिले के किशनगढ़ में भी खाद बनाने वाली फैक्ट्रियों पर छापा मारा था। वहां गुणवत्ताहीन खाद पाए जाने पर पांच फैक्ट्रियों को सीज करने की कार्रवाई की गई थी।