फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बांसवाड़ा में तेंदुए का हमला: घर के बाहर खड़े मासूम को बनाया शिकार, गले पर पंजों के निशान; मौके पर मौत

Tue, 29 Sep 2026 09:55 AM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा

सार

बांसवाड़ा के नेगरेड टिबुड़ी गांव में सोमवार शाम घर के बाहर खड़े 11 वर्षीय रोहित पर तेंदुए ने हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग के अनुसार, बच्चे के गले पर लेपर्ड के पंजों के निशान मिले हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
विज्ञापन
वन विभाग कार्यालय बांसवाड़ा - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बांसवाड़ा जिले में वन विभाग की घाटोल रेंज के अंतर्गत नेगरेड टिबुड़ी गांव में सोमवार देर शाम तेंदुए ने 11 साल के मासूम बालक पर हमला कर दिया। गंभीर चोटें आने से उसकी मौत हो गई। रात को उसका शव घाटोल सीएचसी में रखवाया गया। मंगलवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा। घाटोल रेंज के जगमेर-जोगीमाल वन क्षेत्र के समीप स्थित नेगरेड टिबुड़ी गांव में विमल डामोर का मकान वन क्षेत्र से कुछ दूरी पर स्थित है। सोमवार शाम को अंधेरा छाने के दौरान घर के बाहर खड़े विमल के पुत्र रोहित (11) पर अचानक एक लेपर्ड ने हमला कर दिया। इससे रोहित की मौके पर ही मौत हो गई।
विज्ञापन


गले में आई गंभीर चोट
तेंदुए के हमला करते ही रोहित के चीखने की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग पहुंचे तो उन्होंने रोहित को मृत पाया। तेंदुए के हमले के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल घाटोल क्षेत्रीय वन अधिकारी को सूचना दी। इस पर रेंजर विश्वेंद्र सिंह के नेतृत्व में वन विभाग की टीम और घाटोल के थाना अधिकारी मिट्ठूलाल मेघवाल मय जाब्ते के मौके पर पहुंचे और मुआयना किया। रेंजर ने बताया कि रोहित के गले में तेंदुए के पंजे के निशान पाए गए। गहरी चोट आने से उसकी मौत हो गई। बाद में पुलिस ने रोहित के शव को पोस्टमार्टम के लिए घाटोल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। मंगलवार को उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा।

ये भी पढ़ें-  होटल का कमरा नहीं खुला तो हुआ शक: अंदर का नजारा देख उड़े होश, बिहार की महिला का शव मिलने से सनसनी
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रामीणों में दहशत का माहौल
तेंदुए के हमले के बाद नेगरेड टिबुड़ी गांव में दहशत का माहौल है। लोगों में परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ गई। वन विभाग के कार्मिकों ने भी ग्रामीणों को शाम के समय वन क्षेत्र में नहीं जाने को लेकर जागरूक किया। गौरतलब है कि बांसवाड़ा जिले में घाटोल वन क्षेत्र विस्तृत है और यहां लेपर्ड का कुनबा भी बड़ा है। समय-समय पर यहां आबादी क्षेत्र में लेपर्ड के मवेशियों पर हमले की घटनाएं सामने आती रही हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें