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Rajasthan: यहां बन रहा आयोध्या राम मंदिर का गर्भगृह, सिंहासन की डिजाइन भी हो रही तैयार, जानें मार्बल की खासियत

Sun, 23 Oct 2022 06:43 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राममंदिर का गर्भगृह सफेद मार्बल से बनाया जाएगा। गर्भगृह करीब 440 वर्ग फीट में बनेगा और इसकी ऊंचाई 16 फीट के करीब होगी। इसके सबसे ऊपर कलश स्थापित किया जाएगा।
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सिंहासन का डिजाइन भी बनाया जा रहा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अयोध्या का छठा दीपोत्सव इस बार नया कीर्तिमान स्थापित करने वाला है। दीपोत्सव के लिए रामकथा पार्क सजकर तैयार हो गया है। आज शाम को अयोध्या में भगवान के रूप में श्रीराम माता सीता और तीनों भाइयों के साथ हेलिकॉप्टर से उतरेंगें। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ उनकी अगवानी करेंगे।

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राज्याभिषेक के बाद पीएम नरेंद्र मोदी उनका राजतिलक कर आरती उतारेंगे। इस बाद दीपावली पर 15 लाख दीप प्रज्ज्वलित कर विश्व रिकॉर्ड बनाने की भी तैयारी है। कई देशों के राजदूतों के साथ 10 हजार लोग इसका गवाह बनेंगे। यह बात आपको पहले से पता होगी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि राम मंदिर के मुख्य हिस्से यानी रामलला के गर्भ गृह का निर्माण राजस्थान में हो रहा है। आइए अब इस बारे में विस्तार से जानते हैं।    

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजस्थान के जयपुर में जिले की तीन फैक्ट्रियों में रामलला के गर्भ गृह का निर्माण किया जा रहा है। रमजान के आर्किटेक्ट जियाउल उस्मानी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने बताया कि भगवान राम का गर्भगृह तीन मंजिल का होगा। उन्होंने बताया कि अभी यहां भगवान राम के सिंहासन की डिजाइन बनाई जा रही है। यह सिंहासन सबसे बेहतर मार्बल से बनाया जाएगा और उस पर सोने चांदी की परत भी चढ़ाई जाएगी।  
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उस्मानी ने बताया कि राममंदिर का गर्भगृह सफेद मार्बल से बनाया जाएगा। गर्भगृह करीब 440 वर्ग फीट में बनेगा और इसकी ऊंचाई 16 फीट के करीब होगी। इसके सबसे ऊपर कलश स्थापित किया जाएगा। जिस जगह पर रामलला विराजमान होंगे वहां श्रीराम की विशाल मूर्ति भी लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि गर्भगृह में 15000 फीट के करीब मार्बल लगेगा। 7000 फीट से ज्यादा मार्बल भगवान राम की नगरी में भेजा जा चुका है। 

जानिए मार्बल की खासियत
मार्बल की बात करें तो प्रदेश के नागौर जिले के मकराना का पत्थर सबसे अच्छा माना जाता है। यहां का मर्काल कोलकाता के विक्टोरिया पैलेस और ताजमहल और में भी लगा है। इसकी सबसे बड़ी खाशियत यह है कि पुराना होने पर भी मार्बल पीला नहीं पड़ता है। क्योंकि इसमें करीब 99 फीसदी कैल्शियम होता है।

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