हरियाव-जसपुर लाइमस्टोन ब्लॉक माइनिंग लीज की प्रीमियम दर पर नीलामी।
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उदयपुर के हरियाव-जसपुर लाइमस्टोन ब्लॉक माइनिंग लीज की प्रीमियम दर पर नीलामी की गई। साथ ही विभाग ने सीकर के न्योराना-धांधेला आयरन और ब्लॉक के कंपोजिट लाइसेंस पर भी प्रीमियम दर पर नीलामी की है। इससे वित्तीय वर्ष में दो ब्लॉकों की सफल नीलामी हो गई है।
राजस्थान सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एंड पेट्रोलियम सीनियर आईएएस वीनू गुप्ता ने बताया कि हरियाव-जसपुर लाइमस्टोन ब्लॉक माइनिंग लीज की ई-नीलामी 134.95 प्रतिशत प्रीमियम पर होने से प्रदेश को 50 साल में साढ़े पांच हजार करोड़ का राजस्व प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में प्रदेश में सर्वाधिक 8 मेजर मिनरल माइंस की एमएल और सीएल की सफल नीलामी हुई थी।
एसीएस गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में खनिज खोज और खनन कार्य को गति देने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद से प्रीमियम नीलामी पर जोर दिया जा रहा है। विभाग इस साल मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी का नया रिकॉर्ड बनाने के लिए रोडमैप तैयार कर चरणवद्ध तरीके से भारत सरकार के ई-प्लेटफॉर्म पर नीलामी कर रहा है। वर्तमान में आधा दर्जन से अधिक मेजर मिनरल ब्लॉकों की ई-नीलामी की प्रक्रिया जारी है
निदेशक माइंस एंड पेट्रोलियम संदेश नायक ने बताया कि उदयपुर के हरियाव-जसपुर लाईमस्टोन के 94.62 हैक्टेयर क्षेत्रफल ब्लॉक में 74.21 मिलियन टन डिपोजिट का आकलन किया गया है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के ई-पोर्टल पर नीलामी के अंतिम चरण में श्री सीमेंट, बिरला कोर्पोरेशन, वंडर सीमेंट, उदयपुर सीमेंट और अंबुजा सीमेंट ने हिस्सा लिया।
उन्होंने बताया कि उदयपुर सीमेंट ने रिजर्व प्राइस पर 134.95 प्रतिषत प्रीमियम बोली लगाकर माइनिंग लीज प्राप्त की है। संदेश नायक ने बताया कि हरियाव-जसपुर लाइमस्टोन एमएल से राज्य सरकार को 50 साल में 5585.44 करोड़ रु. प्रीमियम, रायल्टी, डीएमएफटी, एनएमईटी आदि के रूप में प्राप्त होगी। इस वित्तीय वर्ष में 5 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त होगा।