फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan ATS:सोशल मीडिया पर देशविरोधी नेटवर्क का खुलासा, प्रो-खालिस्तान कंटेंट शेयर करने वाला संदिग्ध रडार पर

Sat, 09 May 2026 08:25 AM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान एटीएस ने सोशल मीडिया पर प्रो-खालिस्तान और प्रो-पाकिस्तान सामग्री साझा करने वाले पंजाब के एक संदिग्ध युवक के खिलाफ कार्रवाई की है। जांच में आतंकी संगठन TRF से संपर्क, संदिग्ध चैट और बीएसएफ चौकी के वीडियो साझा करने के आरोप सामने आए हैं।

विज्ञापन
ATS action - फोटो : PHQ
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान एटीएस ने सोशल मीडिया पर देशविरोधी और अलगाववादी गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब के एक युवक की पहचान की है। आरोपी पर प्रो-खालिस्तान और प्रो-पाकिस्तान समर्थक सामग्री साझा करने तथा संदिग्ध आतंकी नेटवर्क से जुड़े लोगों के संपर्क में रहने के आरोप हैं। मामले में पंजाब के तरनतारण जिले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

एटीएस अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान संदिग्ध गतिविधियों का पता चला। जांच में सामने आया कि पंजाब निवासी गुरुविंदर सिंह के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर खालिस्तान समर्थक पोस्ट, वीडियो, ऑडियो और कमेंट लगातार साझा किए जा रहे थे। इसके अलावा आरोपी के फेसबुक मैसेंजर पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन टीआरएफ से जुड़े संदिग्ध लोगों के साथ चैट और वॉइस नोट भी मिले हैं।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कथित रूप से एके-47 और ग्रेनेड मंगवाने तथा बम धमाके से जुड़ी बातचीत की थी। इतना ही नहीं, उसने सीमावर्ती प्रतिबंधित क्षेत्र में स्थित बीएसएफ चौकी का वीडियो बनाकर पाकिस्तान में बैठे संदिग्ध संपर्कों को भेजा था।

विज्ञापन


यह भी पढें- Recruitment News: राजमेस संविदा भर्ती : चयनित अभ्यर्थियों के लिए चॉइस फिलिंग शुरू, 14 मई तक भर सकेंगे विकल्प

एटीएस ने यह भी दावा किया है कि आरोपी सोशल मीडिया पर आतंकी संगठन एसएफजे प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के खालिस्तान समर्थक वीडियो भी लगातार शेयर कर रहा था। एजेंसियों को उसके अलगाववादी संगठनों और संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।

राजस्थान एटीएस की सूचना के आधार पर पंजाब के थाना सदर पट्टी में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। फिलहाल एजेंसियां उसके नेटवर्क और अन्य संभावित संपर्कों की गहन जांच में जुटी हैं।

विज्ञापन


 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें