नाबालिक के इलाज के बहाने दुराचार के मामले में पीड़िता के पक्ष में पैरवी करनेवाले वकीलों ने मामला छोड़ दिया है। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता मनीष व्यास व कपिल पुरोहित ने मामला छोड़ने का निजी कारण बताया है।
सूत्रों के अनुसार पीड़िता के पिता एक अन्य वकील से भी मामले की पैरवी करवाना चाह रहे थे, जिसमें वर्तमान में पैरवी कर रहे वकीलों को कुछ आपत्तियां थीं।
ऐसे में व्यास व पुरोहित ने इस मामले में भविष्य में पैरवी करने में असमर्थता जताई है। पीड़िता के पिता ने भी दोनों वकीलों को एनओसी दे दी है।
इधर, इससे पूर्व इस मामले में आसाराम के खिलाफ पैरवी कर रहे अतिरिक्त महाधिवक्ता आनन्द पुरोहित ने अपने पद से त्याग पत्र दे दिया था, इस कारण वे भी इस मामले की पैरवी नहीं कर रहे हैं।
आनन्द पुरोहित की कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक नियुक्ति की थी। अब राजस्थान में नई भाजपा सरकार बनने के चलते पुरोहित ने त्याग पत्र दे दिया था।
अब पुरोहित की जगह अतिरिक्त महाधिवक्ता पुष्पेन्द्र सिंह भाटी पीड़िता के पक्ष में पैरवी करेंगे। इस मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी।