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राजस्थान: जैसलमेर में सेना ने दिखाई ताकत, बहु-आयामी युद्ध परिस्थितियों में परखी परिचालन क्षमता

Sun, 18 Oct 2026 03:08 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर

सार

भारतीय सेना की ब्लैक मेस ब्रिगेड और बैटल एक्स डिवीजन ने जैसलमेर के रेगिस्तानी क्षेत्र में अभ्यास अखंड प्रहार-2 आयोजित किया। इसमें आधुनिक युद्ध तकनीकों, सैन्य समन्वय, त्वरित कार्रवाई और बहु-आयामी परिचालन क्षमताओं का परीक्षण किया गया।

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सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय सेना की ब्लैक मेस ब्रिगेड और बैटल एक्स डिवीजन ने राजस्थान के रेगिस्तानी क्षेत्र में अभ्यास अखंड प्रहार-2 का आयोजन किया। इस सैन्य अभ्यास का उद्देश्य तकनीक आधारित युद्ध प्रणालियों, आधुनिक रणनीतियों और त्वरित कार्रवाई की क्षमताओं का परीक्षण कर सेना की युद्ध तैयारियों को मजबूत करना था। इससे पहले आयोजित अभ्यास अखंड प्रहार-1 की सफलता के बाद दूसरे चरण में नई पीढ़ी के उपकरणों और बल वर्धकों के समन्वित उपयोग पर जोर दिया गया।

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बहु-आयामी युद्ध परिस्थितियों में क्षमता का परीक्षण
अभ्यास के दौरान सैन्य टुकड़ियों ने जटिल और बहु-आयामी परिचालन परिस्थितियों में एकीकृत युद्ध अभ्यास किए। इसमें विभिन्न लड़ाकू दस्तों के बीच समन्वय, वास्तविक समय में सूचनाओं का आदान-प्रदान और आधुनिक सैन्य तकनीकों के इस्तेमाल का परीक्षण किया गया।

रेगिस्तानी क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सैनिकों ने विभिन्न सैन्य अभियानों को सटीकता के साथ अंजाम देने की क्षमता प्रदर्शित की। अभ्यास के माध्यम से बहु-आयामी युद्ध क्षेत्रों में सेना की परिचालन प्रभावशीलता और त्वरित कार्रवाई की तैयारियों को परखा गया।

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आधुनिक तकनीकों के एकीकरण पर जोर
अभ्यास ने आधुनिक युद्ध में तकनीक की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया। वर्तमान युद्ध परिस्थितियों में वास्तविक समय पर रणनीतिक समन्वय, परिस्थितियों की सटीक जानकारी, त्वरित निर्णय लेने और विभिन्न सैन्य क्षमताओं के एकीकरण को महत्वपूर्ण माना जाता है। भारतीय सेना पारंपरिक युद्ध क्षमताओं के साथ नई और उभरती तकनीकों को शामिल कर रेगिस्तानी सीमांत क्षेत्रों में अपनी परिचालन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

कोर कमांडर ने की सैन्य टुकड़ियों की सराहना
कोणार्क कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल एवीएस राठी ने अभ्यास में शामिल सैन्य टुकड़ियों की तकनीकी क्षमता, परिचालन उत्कृष्टता और युद्ध तैयारियों की सराहना की। उन्होंने आधुनिक उपकरणों और बल वर्धकों को सैन्य अभियानों में प्रभावी ढंग से शामिल करने के प्रयासों को सराहनीय बताया। उन्होंने आधुनिक युद्ध की आवश्यकताओं के अनुरूप नवाचार, निरंतर प्रशिक्षण और समन्वित सैन्य कार्रवाई के महत्व पर जोर दिया।
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भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के लिए तैयारी
अभ्यास अखंड प्रहार-2 भारतीय सेना की युद्ध तैयारियों को आधुनिक बनाने और भविष्य की परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यथार्थवादी परिस्थितियों में प्रशिक्षण, नई तकनीकों के इस्तेमाल और एकीकृत युद्ध प्रक्रियाओं के माध्यम से सेना अपनी परिचालन तत्परता बढ़ा रही है। इससे रेगिस्तानी क्षेत्रों में उभरती सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने की क्षमता मजबूत होगी।

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